इस्लामाबाद, आइएएनएस। पाकिस्तान के उत्तरी हिस्से में पिछले कुछ महीनों में विलुप्त पोलियो वायरस टाइप 2 के सात मामले सामने आए हैं। पाकिस्तान में पोलियो संक्रमण के ये मामले हैरान करने वाले हैं क्योंकि उन्मूलन के कारण मुल्क में इसका टीकाकरण 2014 में बंद कर दिया गया था। पाकिस्तान में हालांकि टाइप 1 और टाइप 3 पोलियो टीके अब भी दिए जा रहे हैं। विश्व में पाकिस्तान और अफगानिस्तान दो ही ऐसे देश बचे हैं जहां पोलियो का कहर अब भी जारी है। इस साल पाकिस्तान में पोलियो के 72 मामले सामने आ चुके हैं।

अमेरिका के अटलांटा स्थित रोग नियंत्रण एवं निवारण केंद्र (सीडीसी) की लैब ने टाइप 2 संक्रमण की पुष्टि की है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के स्वास्थ्य सलाहकार जफर मिर्जा ने इस वायरस के संक्रमण के लिए मानवीय चूक को मुख्य वजह बताया है। उन्होंने कहा, बचे टीकों से पोलियो के वायरस वातावरण के संपर्क में आ गए होंगे। ऐसा मानवीय चूक से हुआ होगा। मिर्जा ने कहा कि हाल में ऐसे मामले पाकिस्तान के अलावा अन्य देशों में भी सामने आए हैं।

पाकिस्‍तान में पोलियो के मामलों में बढोतरी 

पाकिस्‍तान में पोलियो का ड्रॉप पिलाए जाने के मामले में मुस्लिम परिवारों पर कहीं पर धर्म आड़े आ जा रहा है तो कहीं पर अफवाह के चलते वो अपने बच्चों को ये ड्रॉप नहीं पिला रहे हैं जिसका नतीजा आने वाले समय में दिख ही जाता है। पाकिस्तान में इस साल पोलियो के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पाकिस्तान में इस बीमारी को जड़ से खत्म करना एक बड़ी चुनौती बन गया है।

दरअसल पोलियो विरोधी अभियान में जो कर्मचारी लगे होते हैं उनके साथ आए दिन मारपीट की जा रही है। इस वजह से वो कई बार इलाकों में दवा पिलाने के लिए ही नहीं जाते हैं। साल 2018 में पाकिस्तान में पोलियो के 12 मामले सामने आए थे जबकि इस साल अभी तक 72 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। अभी भी ये साल खत्म होने में दो माह का समय शेष है, ऐसे में ये उम्मीद है कि पोलियो के मामलों की संख्या और अधिक निकलेगी। 

 

Posted By: Arun Kumar Singh

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