क्वेटा, एएनआइ। पाकिस्तान के प्रांत बलूचिस्तान के लोगों पर काफी वक्त से जुल्म और सितम किया जा रहा है। बलूचिस्तान में मानवाधिकार उल्लंघन के ना जानें कितने मामले सामने आते रहते हैं। पाकिस्तान पर बलूचिस्तान के लोगों के खिलाफ हिंसा करने के आरोप लगते है। एकबार फिर बलूचिस्तानियों पर जुल्म के खिलाफ पाकिस्तान का विरोध सामने आया है। बलूचिस्तान में मानवाधिकार हनन पर पाकिस्तान का चेहरा एकबार फिर बेनकाब हो गया है। बलूचिस्तान के क्वेटा शहर में बलोच कार्यकर्ताओं को पाकिस्तान द्वारा जबरन गायब करवाने के खिलाफ कई महिलाएं और बच्चे सड़कों पर उतरे और विरोध प्रदर्शन किया।

लापता बलूच लोगों के रिश्तेदारों ने मंगलवार को क्वेटा शहर में अपने परिवार के सदस्यों की तत्काल रिहाई की मांग के लिए एक विरोध रैली निकाली। महिलाओं का कहना है कि इन लापता लोगों का सुरक्षाबलों द्वारा अवैध रूप से अपहरण कर लिया गया था। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि दक्षिण-पश्चिमी पाकिस्तान में बलूचिस्तान प्रांत के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में राजनीतिक कार्यकर्ताओं और बुद्धिजीवियों का अवैध रूप से अपहरण किया गया।

इस विरोध रैली में बलोच कार्यकर्ता रशीद हुसैन के रिश्तेदार भी शामिल हुए, जिन्हें यूएई से अगवा किया गया था और बाद में पाकिस्तान भेज दिया गया था। उनकी मां ने अन्य लापता व्यक्ति परिवारों के साथ क्वेटा में अपने बेटे की सुरक्षित वापसी और अन्य बलूच लापता व्यक्तियों की रिहाई के लिए विरोध प्रदर्शन किया। हुसैन को इस साल जून में पाकिस्तान की कानून प्रवर्तन एजेंसियों को सौंप दिया गया था।तब से उसे एक अज्ञात स्थान पर रखा गया है जिसने राशिद की सुरक्षा और भलाई के बारे में उसके परिवार के दुखों को और बढ़ा दिया है।

हुसैन की रिहाई की मांग के लिए एक ऑनलाइन अभियान भी शुरू किया गया है। सोशल मीडिया यूजर्स हैशटैग का इस्तेमाल कर अपनी आवाज उठा रहे हैं। जैसे #SaveRashidHussain and #SaveBalochMissingPersons.

प्रदर्शनकारियों में 'वॉयस फॉर बलूच मिसिंग पर्सन्स' के मामा कादिर बलूच भी शामिल थे, जो हजारों लापता बलूच लोगों के लिए एक अभियान चला रहे हैं।

Posted By: Shashank Pandey

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