PoK में हिंसा भड़की, चार पुलिसकर्मियों समेत 11 की मौत, 70 से अधिक घायल
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के रावलकोट में पुलिस और प्रतिबंधित प्रदर्शनकारियों के बीच हुई हिंसक झड़प में 4 पुलिसकर्मियों ...और पढ़ें
HighLights
हिंसा में 11 लोगों की मौत हो गई है।
झड़पों के दौरान 70 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए।
रावलकोट इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बेहद संवेदनशील है।
डिजिटल डेस्क, इस्लामाबाद। सोमवार को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में पुलिस और एक प्रतिबंधित प्रदर्शनकारी समूह के सदस्यों के बीच हुई हिंसक झड़पों में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई और 70 से अधिक घायल हो गए। समाचार एजेंसी एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार, ये हिंसक झड़पें मुख्य रूप से रावलकोट शहर में हुईं, जिसके बाद पूरे इलाके में स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है।
रावलकोट के शीर्ष नागरिक अधिकारी, कमिश्नर सरदार वहीद ने बताया कि इस हिंसा में तीन आम नागरिकों की जान चली गई और 40 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। वहीं, पुलिस विभाग द्वारा जारी एक अलग बयान में पुष्टि की गई है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के दौरान भड़की इस हिंसा में चार पुलिस अधिकारियों की भी मौत हुई है और 23 अन्य पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।
JAAC के प्रदर्शन से ठीक पहले लगा प्रतिबंध
यह हिंसक झड़पें जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) द्वारा तय किए गए विरोध प्रदर्शनों से ठीक एक दिन पहले हुईं। सार्वजनिक व्यवस्था और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा करने के आरोपों के चलते प्रशासन ने हाल ही में इस संगठन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया था।
JAAC ने हाल के वर्षों में कई हिंसक प्रदर्शन किए हैं और संगठन का कहना है कि सरकार से अपनी मांगें मनवाने के लिए वह अगले सप्ताह भी एक और बड़ा प्रदर्शन करने की योजना बना रहा है।
विरोध प्रदर्शन के कारण और स्थानीय लोगों की मांगें
मंगलवार को बुलाया गया यह प्रदर्शन मुख्य रूप से हाल ही में हुई हिंसा की घटनाओं के विरोध में आयोजित किया गया है, जिसमें सुरक्षा बलों द्वारा JAAC के एक प्रमुख नेता की हत्या, इंटरनेट ब्लैकआउट और समूह पर लगाया गया प्रतिबंध शामिल है।
इसके अलावा स्थानीय लोग बिजली की भारी कमी, बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, प्राकृतिक संसाधनों के कथित दोहन और इस क्षेत्र को राजनीतिक रूप से हाशिए पर धकेले जाने जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर भी लंबे समय से आक्रोशित हैं।
इसके साथ ही, आलोचकों ने 12 शरणार्थी सीटों पर भी सवाल उठाए हैं, जिनके बारे में उनका कहना है कि इनका इस्तेमाल पाकिस्तान सरकार इस क्षेत्र में अपना राजनीतिक प्रभाव और नियंत्रण बनाए रखने के लिए करता है।
सुरक्षा बलों की भारी तैनाती और इंटरनेट सस्पेंड
सुरक्षा से जुड़ी रिपोर्ट्स के अनुसार, बढ़ते तनाव और सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए पूरे पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में टेलीकॉम और इंटरनेट सेवाओं को पूरी तरह से निलंबित कर दिया गया है। आगामी विरोध प्रदर्शन को रोकने और किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए मुजफ्फराबाद में पाकिस्तान फेडरल पुलिस और पाकिस्तान रेंजर्स की अतिरिक्त सैन्य टुकड़ियां तैनात कर दी गई हैं।
इस्लामाबाद स्थित अमेरिकी दूतावास ने इन हिंसक प्रदर्शनों के मद्देनजर पीओके में मौजूद अपने सभी अमेरिकी नागरिकों को बेहद सतर्क रहने और भीड़भाड़ वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है।
इसके समानांतर, स्थानीय प्रशासन ने भी एक आधिकारिक ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है, जिसमें सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए पर्यटकों को 5 जून से 20 जून तक इस क्षेत्र की यात्रा न करने की सख्त हिदायत दी गई है।
