बलूचिस्तान, एएनआइ। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में कोरोना मरीजों के इलाज में जरूरी मेडिकल सुरक्षा किट की मांग करने पर कुछ डॉक्टरों समेत 150 स्वास्थ्य कर्मियों को गिरफ्तार कर लिया गया। ये लोग सोमवार को मुख्यमंत्री के आवास के बाहर पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्यूपमेंट (PPE) किट की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शन में शामिल यंग डॉक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष यासिर खान ने कहा कि अपनी जायज मांग को लेकर पहुंचे स्वास्थ्य कर्मियों पर पुलिस ने डंडे बरसाए।

गिरफ्तारी के बाद युवा चिकित्सकों ने विरोध के तहत मरीजों को देखना बंद कर दिया है। उनका कहना है कि पीपीई किट नहीं मिलने के कारण कोरोना मरीजों के इलाज में जुटे एक दर्जन से ज्यादा चिकित्सक संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के लिए जमा हुए स्वास्थ्य कर्मियों की गिरफ्तारी धारा 144 के उल्लंघन पर की गई। पाकिस्तान में कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या 3,469 हो गई है। इनमें 50 मरीजों की मौत हो चुकी है।

पाकिस्तान में कोरोना वायरस में मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों से अपने घरों के अंदर रहने की अपील की है लेकिन लोग सरकारी आदेशों की धज्जियां उड़ाते और सड़कों पर घुमते हुए नजर आ रहे हैं। यही नहीं सरकार के आदेश के बाद भी कई जगहों पर धार्मिक सभाएं की जा रही हैं। मौलवी मौलाना सभाओं को संबोधित करते नजर आ रहे हैं। हालांकि सरकार ने सभी धार्मिक सभाओं को प्रतिबंधित कर दिया है।

ऐसी रिपोर्टें है कि पाकिस्‍तान के प्रमुख शहर कराची में कोरोना वायरस से मरने वालों के लिए अलग कब्रिस्‍तान बनाया गया है। बिन कासिम टाउन इलाके में 80 एकड़ जमीन पर बनाए गए इस कब्रिस्‍तान में कोरोना संक्रमण से मरने वालों का दफनाया जाएगा। एक रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्‍तान में 18.5 मिलियन लोग अपनी नौकरी खो सकते हैं। अनुमान है कि कोरोनो वायरस के चलते तीन महीनों में अर्थव्यवस्था को लगभग 2.5 ट्रिलियन रुपये का नुकसान होगा।

Posted By: Krishna Bihari Singh

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