इस्लामाबाद, एएनआइ। अगला सेना प्रमुख कौन होगा, इस बारे में कई अफवाहें चल रही हैं। पूर्व पीएम इमरान खान को हटाए जाने के बाद से राजनीतिक गलियारों में पहले से ही तनावपूर्ण माहौल है। हालांकि, सेना इमरान खान के बयानों से खुश नहीं दिख रही है। आम चुनाव के लिए पाकिस्तान का आह्वान हाल के महीनों में तेजी से बढ़ा है, और ऐसा प्रतीत होता है कि 'सेना प्रमुख' ने विवादों को खत्म कर दी है और जल्दी चुनाव की घोषणा कर देंगे ताकि वे अगले सेना प्रमुख की नियुक्ति कर सकें।

पीटीआई अध्यक्ष ने विधानसभा को भंग करने की मांग

इस्लाम खबर ने विश्वसनीय सूत्रों का हवाला देते हुए बताया कि सेना चुनाव की घोषणा से पहले एक राजनीतिक और वित्तीय नेता का चयन करने के लिए चर्चा कर रही थी। इस बीच, पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने घोषणा की है कि वह 25 मई को इस्लामाबाद में 'विरोध मार्च' शुरू करेंगे। अपनी मांगों को पेश करते हुए, पीटीआई अध्यक्ष ने कहा कि वह नए चुनाव की तारीख और विधानसभा को भंग करने की मांग कर रहे हैं।

जवाब में, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने शिरीन मजारी जैसे पीटीआई नेताओं और इमरान खान का साथ देने वाले पत्रकारों के खिलाफ बदला लेने का अभियान शुरू किया है।

जैसा कि प्रधान मंत्री ने चेतावनी दी थी, इमरान खान के हजारों समर्थक पहले से ही सड़कों पर हैं और राज्य के संस्थानों को लेने के लिए पर्याप्त रूप से प्रेरित हैं, जिससे गृहयुद्ध हो सकता है।

इमरान खान को मिली चेतावनी

इस संबंध में जनरलों ने पहले ही इमरान खान ब्रिगेड को कीचड़ उछालने से परहेज करने की चेतावनी दी है। उनके एक खेल में शिरीन मजारी एक घटना में शामिल थी। इमरान का समर्थन करने वाले पत्रकारों पर भी देशद्रोह का आरोप लगाया गया है। मीडिया अधिकारियों ने जजों और जनरलों को अपमानजनक तरीके से रेफर करने के खिलाफ सख्त चेतावनी जारी की है।

अगले कुछ महीनों में, गुमनाम धमकियों और अपहरण के साथ, गमबूट का डर फिर से प्रचलन में आने की संभावना है।

रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा आम चुनाव पहले होने की संभावना

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ (Khawaja Asif) ने बीते दिनों कहा कि नए सेना प्रमुख की नियुक्ति से पहले आम चुनाव (General Elections) कराने की संभावना है। आसिफ को डान अखबार ने बीबीसी उर्दू को दिए एक साक्षात्कार का हवाला देते हुए उद्धृत किया था कि यह संभव है कि हम (नए) सेना प्रमुख की नियुक्ति से पहले नवंबर से पहले चुनाव करा लें। उस समय एक कार्यवाहक सरकार होगी। यह भी संभव है कि कार्यवाहक सरकार चली गई हो और नई सरकार (सत्ता में) नवंबर से पहले हो।

Edited By: Babli Kumari