इस्लामाबाद, रायटर/प्रेट्र/आइएएनएस। चीन सरकार ने कहा है कि वह पाकिस्तान पर कर्ज का बोझ लादने नहीं जा रहा है। बीजिंग के बेल्ट एंड रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर इनिशिएटिव के बचाव में पाकिस्तान की तीन दिवसीय यात्रा पर शनिवार को इस्लामाबाद पहुंचे चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने परियोजना की आलोचना खारिज की।

चीन के विदेश मंत्री ने अपने पाकिस्तानी समकक्ष शाह महमूद कुरैशी से मुलाकात की और विभिन्न मुद्दों पर बातचीत की। दोनों नेताओं ने रणनीतिक साझेदारी बढ़ाने पर सहमति जताई है। इमरान खान के प्रधानमंत्री बनने के बाद दोनों देशों के बीच यह पहली उच्चस्तरीय बैठक हुई है।

बीजिंग ने पाकिस्तान को उसे हिस्से के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव के लिए 57 अरब डॉलर के कर्ज की पेशकश की है। यह पेशकश उस समय की गई जब अफगानिस्तान में इस्लामिक आतंकियों के साथ संघर्ष के मुद्दे पर इस्लामाबाद और वाशिंगटन के बीच रिश्ते में खटास पैदा हो गई थी।

पाकिस्तान पर कर्ज का बोझ लादने को लेकर सवाल आज बहस के केंद्र में आ गया है। अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोंपेओ ने जुलाई में चेतावनी दी थी कि कोई भी विदेशी कर्ज पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था का संकट बढ़ाएगा।

वांग ने कहा कि पाकिस्तान के हिस्से के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव को चीन-पाकिस्तान इकोनामिक कारिडोर (सीपीईसी) के नाम से जाना जाता है। इससे एक से दो फीसद आर्थिक विकास दर बढ़ा है और 70,000 रोजगार सृजित हुए हैं।

इस्लामाबाद में संवाददाता सम्मेलन में वांग ने कहा, 'सीपीईसी पाकिस्तान पर कर्ज का बोझ नहीं लादने जा रहा है। इसकी जगह जब ये परियोजनाएं पूरी हो जाएंगी और संचालन में आ जाएंगी तो इससे पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को भारी लाभ पहुंचेगा।'

इस संवाददाता सम्मेलन में पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी भी वांग के साथ खड़े थे। वांग ने कहा कि पाकिस्तान का 47 फीसद कर्ज आइएमएफ और एशियन डेवलपमेंट बैंक से आता है। कुरैशी ने कहा कि सीपीईसी नई सरकार की प्राथमिकता में बना हुआ है।

उन्होंने कहा कि दोनों सरकारें परियोजना पर समाज-आर्थिक विकास के साथ ध्यान देंगी। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि तीन दिवसीय यात्रा के दौरान वांग प्रधानमंत्री इमरान खान और सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा से भी मुलाकात करेंगे। एक सप्ताह पहले अमेरिका के विदेश मंत्री पोंपेओ पाकिस्तान का दौरा कर चुके हैं।

 

Posted By: Bhupendra Singh