इस्लामाबाद, प्रेट्र। पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और उनकी बहन फरयाल तालपुर के विदेश जाने पर रोक लगा दी है। अदालत ने फर्जी बैंक खातों के मामले में ताजा रहस्योद्घाटन के बाद रविवार को उनके देश से बाहर जाने पर रोक के आदेश दिए।

जियो टीवी की एक रिपोर्ट के अनुसार, चीफ जस्टिस साकिब निसार ने 20 लोगों के नाम एग्जिट कंट्रोल लिस्ट में डालने के आदेश दिए। इनमें जरदारी और फरयाल शामिल हैं। इस सूची में शामिल लोगों पर पाकिस्तान से बाहर जाने पर रोक होती है।

चीफ जस्टिस ने फर्जी बैंक खातों की जांच की सुस्त रफ्तार के बाद यह आदेश दिए। शुक्रवार को संघीय जांच एजेंसी (एफआइए) ने सेंट्रल डिपोजिटरी कंपनी के अध्यक्ष एवं समिट बैंक के उपाध्यक्ष हुसैन लावाइ को हिरासत में लिया था। लावाइ जरदारी के निकट सहयोगी हैं।

एफआइए के सूत्रों के अनुसार, एक महिला समेत सात लोगों के नाम पर 29 बैंक खाते खोले गए। इनमें से 18 से 19 खाते अकेले समिट बैंक में खोले गए हैं।

शीर्ष अदालत ने सात फर्जी बैंक खाता धारकों और 13 लाभार्थियों को 12 जुलाई को तलब किया है। इनमें जरदारी, फरयाल, तारिक सुलतान, इरम अकील, मुहम्मद अशरफ और मुहम्मद इकबाल आराईं शामिल हैं। जाली बैंक खातों के लाभार्थियों में नासिर अब्दुल्ला, अंसारी शुगर मिल्स, ओमानी पोलीमर पैकेजेज, पाक इथेनोल प्राइवेट लिमिटेड, चांबर शुगर मिल्स, एग्रो फार्म थट्टा, जरदारी ग्रुप, एवन इंटरनेशनल इत्यादि के नाम शामिल हैं।

Posted By: Bhupendra Singh