इस्लामाबाद, प्रेट्र। पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व सैन्य शासक परवेज मुशर्रफ और पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की संपत्ति का विवरण मांगा है। बुधवार को राष्ट्रीय सुलह अध्यादेश (एनआरओ) की वजह से हुए नुकसान की भरपाई पर मुकदमे की सुनवाई करते हुए अदालत ने यह आदेश दिया। अदालत ने इन दोनों से हलफनामा दाखिल कर विदेश स्थित संपत्तियों के साथ ही विदेशी खातों और कंपनियों की घोषणा करने को कहा है। 'डॉन न्यूज' की रपट के अनुसार, उनसे अपने परिवार के सदस्यों की संपत्तियों का ब्योरा भी जमा करने को कहा गया है।

मुख्य न्यायाधीश साकिब निसार ने पूर्व अटॉर्नी जनरल मलिक कय्यूम को भी उनकी संपत्ति का ब्योरा देने का आदेश दिया है। मुशर्रफ ने पांच अक्टूबर, 2007 को राष्ट्रीय सुलह अध्यादेश जारी किया था। इसके तहत राजनेताओं के खिलाफ मुकदमे हटा दिए गए, जिससे देश में उनकी वापसी का मार्ग प्रशस्त हुआ। जस्टिस निसार ने कहा कि मेरे मन में हजारों ऐसे लोग हैं, जिनसे हमें पूरी संपत्ति के विवरण लेने हैं।

जब अदालत ने पूछा कि जरदारी और कय्यूम कब तक अपनी संपत्ति का विवरण जमा कर देंगे, फारूक एच नाइक ने बताया कि पूर्व राष्ट्रपति अपना जवाब दे चुके हैं। नाइक को कथित तौर पर अध्यादेश तैयार करने वालों में गिना जाता है।

मुशर्रफ को जवाब देने के लिए दो सप्ताह का समय दिया गया है। जरदारी इसी माह होने वाले आम चुनाव में अपने गृह नगर नवाबशाह से उम्मीदवार हैं। इस तरह से 24 साल के अंतराल के बाद चुनावी राजनीति में उनकी वापसी हो रही है।

 

Posted By: Bhupendra Singh