इस्लामाबाद, एएनआइ। पाकिस्तान में पत्रकारों पर हो रहे हमले को लेकर वहां की सुप्रीम कोर्ट ने इस्लामाबाद पुलिस को फटकार लगाई है। एक मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को पत्रकारों पर अत्याचार के लिए इस्लामाबाद पुलिस के आईजी, काजी (Islamabad Police IG Qazi) को फटकार लगाते हुए कहा कि मीडियाकर्मियों पर हो रहे हमले अराजकता को दर्शाता है। समा टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान में पत्रकारों के उत्पीड़न के संबंध में एक मामले की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति काजी मुहम्मद अमीन (Justice Qazi Muhammad Amin) ने यह टिप्पणी की।

अबसार आलम के मामले में भी कोर्ट ने पुलिस बलों को लगाई फटकार

अदालत ने इस्लामाबाद में अबसार आलम को गोली मारने वाले दोषियों को पकड़ने में तेजी से कार्रवाई नहीं करने के लिए पुलिस बलों को भी फटकार लगाई। न्यायमूर्ति काजी ने कहा, 'इस्लामाबाद पुलिस के आईजी काजी को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पत्रकारों पर हमला करने वालों को गिरफ्तार किया जाए। अगर संदिग्धों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो यह उनकी विफलता होगी।' बता दें कि पाकिस्तान में पत्रकारों पर हो रहे हमले लगातार बढ़ रहे हैं। वरिष्ठ पत्रकार और पाकिस्तान इलेक्ट्रानिक मीडिया अथारिटी (PEMRA) के पूर्व अध्यक्ष अबसार आलम को इस्लामाबाद में गोली मार दी गई थी।

नहीं हो रही कोई कार्रवाई-द न्यूज इंटरनेशनल

काउंसिल आफ पाकिस्तान न्यूजपेपर्स एडिटर्स (CPNE) मीडिया फ्रीडम रिपोर्ट के अनुसार, इस बीच कम से कम 10 पत्रकारों की हत्या कर दी गई और कई अन्य लोगों का अपहरण किया गया है। द न्यूज इंटरनेशनल की मानें तो पाकिस्तान में पत्रकारों को प्रताड़ित करने और मारने के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। पिछले दिनों पाकिस्तान में सैकड़ों पत्रकार प्रस्तावित पाकिस्तान मीडिया डेवलपमेंट अथारिटी कानून के विरोध में रविवार को संसद भवन के बाहर जमा हुए थे।

द न्यूज इंटरनेशल के मुताबिक, प्रस्तावित कानून न केवल पत्रकारों और मीडिया संगठनों को प्रेस की स्वतंत्रता से वंचित करेगा बल्कि छात्रों, वकीलों, शिक्षकों, कानून निर्माताओं, ट्रेड यूनियनों, राजनीतिक, धार्मिक कार्यकर्ताओं को भी उनके मूल अधिकारों से वंचित करेगा।

Edited By: Pooja Singh