इस्लामाबाद (एजेंसी)। बतौर प्रधानमंत्री इमरान खान के देश के नाम पहले संबोधन में पाकिस्तान की मूलभूल समस्याओं को लेकर परेशानी नजर आई। उन्होंने उन तमाम कमियों को स्वीकारते हुए उन्हें सुधारने की दिशा में काम करने का मन बनाया। सबसे पहले आर्थिक तंगी से जूझ रहे पाकिस्तान को कैसे इस समस्या से बाहर निकाला जाए, इसके लिए इमरान खान ने वीवीआइ पर खर्च होने वाले पैसों में कटौती करने का निर्णय लिया है।

सिर्फ दो वाहन रखेंगे, बाकि वाहनों की होगी नीलामी
अपने संबोधन में खान ने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के पास 524 कर्मचारी, 80 कार, 33 बुलेटप्रूफ कार, हेलीकॉप्टर, हवाई जहाज हैं, जबकि पीएम हाउस 11,000 कनाल (एक कनाल=5400 स्क्वायर फीट) में फैला हुआ है। देश में बड़ी संख्या में गवर्नर हाउस थे और निर्वाचित अधिकारी पूरी लग्जरी के साथ रहते थे। लेकिन, इमरान ने साफ किया है कि उन्हें इन सुविधाओं में से कुछ नहीं चाहिए। खान ने कहा कि वे केवल दो नौकर और दो वाहन व्यक्तिगत रूप से रखेंगे, जबकि पीएम हाउस के बाकी वाहनों की नीलामी की जाएगी।

'मैं पीएम हाउस में नहीं रहूंगा'
यहां तक की इमरान खान प्रधानमंत्री निवास में भी नहीं रहेंगे। अपने भाषण में खान ने कहा, 'मैं पीएम हाउस में नहीं बल्कि सैन्य सचिव के निवास में रहूंगा। मेरे पास दो कारें होंगी। मैं अपने घर में रहना चाहता था लेकिन एजेंसियों ने बताया कि मेरी जान को खतरा है, इसलिए मैं यहां रह रहा हूं।'

देश पर खर्च होगा नीलामी का पैसा
खान ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री निवास के वाहनों की नीलामी का पैसा देश पर खर्च किया जाएगा। 

PM हाउस को विश्वविद्यालय में बदल दिया जाएगा
इमरान खान ने आगे कहा कि पीएम हाउस को अनुसंधान (रिसर्च) के लिए एक शीर्ष स्तरीय विश्वविद्यालय में बदला जाएगा, जिसमें अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ होंगे।

गवर्नर हाउस में नहीं रहेगा कोई भी गवर्नर
इतना ही नहीं, इमरान खान ने यह भी एलान किया है कि अब से गवर्नर हाउस में कोई भी गवर्नर नहीं रहेगा। बता दें कि इमरान का यह फैसला केवल 'कास्ट कटिंग' यानी पैसों की बचत के लिए लिया गया है। इमरान ने इसे फिजूलखर्च बताया है, उनका कहना है कि इससे पैसा बचाकर देश की अन्य जरूरतों पर खर्च किया जा सकता है।

लागत को कम करेंगे
प्रधानमंत्री ने कहा कि डॉ. इशरत हुसैन के तहत एक कार्यबल का गठन किया जाएगा, जो देश में सरकारी खर्चों को कम करेगा। उन्होंने कहा, 'हम इस बचाए गए पैसे का उपयोग हमारे समाज के पिछले वर्गों पर खर्च करेंगे।'

'अपने पैरों पर खड़े होने की जरूरत है'
विकट आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने बताया कि पिछले दस वर्षों में देश के ऋण में भारी वृद्धि हुई है। ये ऋण 15000 अरब रुपये से बढ़कर 28,000 अरब रुपये हो गया है। हम ऑडिट कराकर यह पता लगाएंगे कि यह पैसा कहां गया। खान ने कहा कि ऋण लेने से कोई भी देश प्रगति नहीं कर सकता है। ऋण का इस्तेमाल केवल कठिन समय में अल्प अवधि के लिए किया जाना चाहिए है। उन्होंने कहा, 'हमें अपने पैरों पर खड़े होने की जरूरत है। ऋण लेने का मतलब स्वतंत्रता और सम्मान खोना है।'

Posted By: Nancy Bajpai

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