इस्लामाबाद,एएनआइ। पाकिस्तान में जुलाई 2018 में हुए चुनाव में कथित धांधली की जांच के लिए न्यायिक आयोग के लिए प्रधानमंत्री इमरान खान के नेतृत्व वाली सरकार के प्रस्ताव को पाकिस्तान के विपक्ष ने खारिज कर दिया। जुई-एफ प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान ने कहा कि हम आयोग के गठन के लिए हर प्रस्ताव को खारिज करते हैं और हम अपनी मांग पर अभी भी बने हुए हैं। हम अभी भी दोबारा चुनाव करने की अपना मांग को कायम रखते हैं। इस मामले में कोई बदलाव नहीं हो सकता है।

विफल रही दोनों पक्षों की वार्ता

रहमान ने कहा अब यह आपके ऊपर है। जितनी जल्दी आप इस पर निर्णय लेते हैं, उतनी ही जल्दी हम इस मामले को हल होते हुए देख सकते हैं। यदि आपको लगता है कि इस भीड़ को फैलाना चाहिए, तो आगे बढ़ें और कॉल दें। न तो आप ठीक रहेंगे और न ही हम। उन्होंने कहा कि फिर, मामले पर स्पष्टता की कोई कमी नहीं है। इस बीच पाकिस्तान के मीडिया संस्थान DAWN के अनुसार, सरकार की बातचीत करने वाली टीम और विपक्ष की रेहबर समिति के बीच दूसरे दौर की वार्ता दोनों पक्षों के बीच चल रहे गतिरोध को तोड़ने में विफल रही।

इस्तीफे की मांग के अलावा सभी मांग स्वीकार: इमरान

रक्षा मंत्री परवेज खट्टक ने कहा कि सरकार गतिरोध को खत्म करने के लिए विपक्ष के साथ बीच का रास्ता निकालने की कोशिश कर रही है। विपक्ष ने इमरान खान के इस्तीफे और तुरंत चुनाव कराने की मांग की है।स्थानीय मीडिया के  एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान प्रीमियर ने 'अज़ादी मार्च' में भाग लेने वाले विपक्षी दलों के साथ बातचीत करने के लिए खट्टक की अगुवाई में एक बैठक में दिए गए बयान में कहा गया कि खान उनके इस्तीफे के आह्वान को छोड़कर, आज़ादी मार्च के प्रदर्शनकारियों की सभी 'वैध' मांगों को स्वीकार करने के लिए तैयार थे। 

Posted By: Ayushi Tyagi

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