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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 17, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पाकिस्तान के अस्पताल की छत पर मिले थे सैंकड़ों गले सड़े शव, अब कठघरे में पुलिस और कर्मचारी, जानें पूरा मामला

By Mahen KhannaEdited By:
Published: Mon, 17 Oct 2022 02:10 AM (IST)Updated: Mon, 17 Oct 2022 04:37 AM (IST)

Paks Multan Horror निश्तार मेडिकल यूनिवर्सिटी ने अस्पताल की छत पर लावारिस शवों के ढेर मिलने के लिए पुलिस और ...और पढ़ें

निश्तार मेडिकल यूनिवर्सिटी की छत पर मिले थे शव।
निश्तार मेडिकल यूनिवर्सिटी की छत पर मिले थे शव।

इस्लामाबाद, एजेंसी। पाकिस्तान में बीते दिनों एक सरकारी अस्पताल की छत पर सैंकड़ों शव मिलने से हंगामा मच गया था। अस्पताल की छत पर 500 से अधिक शव मिले थे, जो सड़ गल चुके थे। अब निश्तार मेडिकल यूनिवर्सिटी ने अस्पताल की छत पर लावारिस शवों के ढेर के लिए पुलिस और बचाव अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया है। यूनिवर्सिटी के अनुसार पुलिस शवों को समय पर वापस नहीं लेती है और इसलिए सड़ते शवों को छत पर रखने के लिए अस्पताल मजबूर है। दूसरी और पंजाब सरकार ने अस्पताल कर्मियों को इसका दोषी बताया।

पंजाब सरकार ने कर्मचारियों को बताया दोषी

पाक की पंजाब सरकार की जांच समिति ने रविवार को अस्पताल की छत पर लावारिस शवों के ढेर पर अपनी जांच समाप्त कर लाशों के साथ दुर्व्यवहार करने के लिए निश्तार अस्पताल के कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। जियो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने का फैसला जांच समिति की बैठक के दौरान लिया गया, जिसने अपनी रिपोर्ट पूरी कर पंजाब के अतिरिक्त मुख्य सचिव को भेज दी है।

अस्पताल प्रशासन बोला- हम मजबूर थे

जियो टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, एनएमयू के एनाटॉमी विभाग के प्रमुख डॉ मरियम अशरफ ने अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस से अस्पताल को मिलने वाले शव आमतौर पर सड़ जाते हैं और उन्हें मुर्दाघर में नहीं रखा जा सकता है और उन्हें अस्पताल की छत पर रखा जाता है। उन्होंने कहा कि शवों की संख्या बहुत ज्यादा थी क्योंकि अस्पताल शवों को स्वीकार करने से इंकार नहीं कर सकती थी और इसलिए वह बाध्य था।

बलूचों को जबरन गायब करने का मामला उठा

कई मीडिया रिपोर्टों के अनुसार शव संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद किए गए थे और यह दर्शाता है कि वहां का प्रशासन बलूच व्यक्तियों को जबरन गायब कर रहा है। द डेली टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस घटना के बाद पंजाब सरकार ने मामले की जांच के लिए छह सदस्यीय समिति का गठन किया।  

कब्रिस्तान में दफनाने की जगह नहीं 

अधिकारी ने कहा कि पुलिस और बचाव अधिकारी शवों को समय पर वापस नहीं ले जाते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे पास लिखित दस्तावेज हैं जिसमें हमने उन्हें शव ले जाने के लिए कहा है। अधिकारी ने कहा कि एधी फाउंडेशन हमारे अस्पताल से शव नहीं उठा रहा है क्योंकि उनके कब्रिस्तान में दफनाने की जगह नहीं है। उसने दावा किया कि शवों को छत पर रखने का एकमात्र कारण यह है कि उनकी संख्या बहुत अधिक है और वे पुलिस थानों में वापस नहीं लौटाए जा रहे हैं।

पुलिस ने दी सफाई

पुलिस और ईधी फाउंडेशन ने हालांकि आरोपों को खारिज कर दिया। एधी ने दावा किया कि हमने निश्तार अस्पताल को शवों को दफनाने से मना नहीं किया, वास्तव में, हमने उन्हें दफनाने के लिए आज संपर्क किया।दूसरी ओर सिंधी राष्ट्रवादी पार्टी, जय सिंध फ्रीडम मूवमेंट (जेएसएफएम) के अध्यक्ष सोहेल अब्रो ने पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में मुल्तान के निश्तार अस्पताल की छत से शवों की बरामदगी को "मानव इतिहास में एक बड़ी त्रासदी" करार दिया है।

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