गुलाम कश्मीर में आंदोलनकारियों पर कार्रवाई तेज, 43 और लोग निगरानी सूची में शामिल
पाकिस्तान ने गुलाम जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई तेज कर दी है। 'जम्मू-कश्मीर ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी' से जुड़े ...और पढ़ें

(प्रतीकात्मक तस्वीर)

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डिजिटल डेस्क, इस्लामाबाद। पाकिस्तान ने गुलाम जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक कार्यकर्ताओं और आंदोलनकारियों के विरुद्ध कार्रवाई और तेज कर दी है। अधिकारियों ने 'जम्मू-कश्मीर ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी' से जुड़े 43 और लोगों को आतंकवाद-रोधी कानून की निगरानी से जुड़ी चौथी अनुसूची में डाल दिया है।
गुलाम जम्मू-कश्मीर के गृह विभाग द्वारा स्वीकृत इस ताजा कार्रवाई के तहत उस आंदोलन के कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों को आतंक-रोधी कानून के दायरे में लाया गया है, जो इस क्षेत्र में लगातार हो रहे विरोध प्रदर्शनों का केंद्र रहा है। इस कार्रवाई का मकसद उन लोगों पर कड़ी नजर रखना है जिन्हें सुरक्षा के लिए खतरा माना जाता है।
तीन सितंबर, 2026 को जारी गृह विभाग की अधिसूचना के अनुसार, इन 43 लोगों को चौथी अनुसूची में शामिल करने का फैसला पांच जून, 2026 को हुई 41वीं कैबिनेट बैठक में लिया गया था। 'जम्मू-कश्मीर ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी' को पहले ही आतंकवाद-रोधी कानून की धारा-12 के तहत प्रतिबंधित किया जा चुका है।
आतंकवाद-रोधी कानून की चौथी अनुसूची में सबसे अधिक लोग पुंछ से
आतंकवाद-रोधी कानून की चौथी अनुसूची में शामिल किए गए 43 नामों में से 15 पुंछ से हैं, जबकि छह सुधनोती से हैं। बाकी लोग मुजफ्फराबाद, कोटली, बाग और भीमबर से हैं; साथ ही झेलम, लय्याह, झांग, टोबा टेक सिंह, वेहारी, बहावलनगर और गुजरात से भी कई लोगों के नाम सूची में हैं।
यह कार्रवाई गुलाम जम्मू-कश्मीर में महीनों से चल रही अशांति के बाद की गई है। पिछले तीन महीनों में 'जम्मू-कश्मीर ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी' के नेतृत्व में हुए आंदोलन में विरोध प्रदर्शन, हड़ताल और रैलियों के आयोजन के साथ ही अधिक राजनीतिक व आर्थिक अधिकारों की मांग शामिल रही है।
(समाचार एजेंसी एएनआई के इनपुट के साथ)
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