नई दिल्ली,एएनआइ। पाकिस्तान में क्रिश्चयन समुदाय को झटका देते हुए पेशावर स्थित एडवर्डस कॉलेज का राष्ट्रीयकरण कर दिया है। एडवर्ड कॉलेज क्रिश्चयन संस्थान का एक निजी कॉलेज है। पेशावर के उच्च न्यायालय द्वारा इसका राष्ट्रीयकरण किया गया है। यह पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के व्यवस्थित और राज्य अभियोजन का एक और उदाहरण है। इससे पता चलता है कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यक किस तरह से अपने अधिकारों से वंचित हैं। 

पाकिस्तान के मीडिया संस्थान डॉन अखबार ने 10 अक्टूबर को रिपोर्ट दी थी कि पेशावर के उच्च न्यायालय (PHC) की पीठ ने पेशावर के महासचिव डायोसेक बिशप की याचिका को ठुकरा दिया। जिसमें एडवर्डस कॉलेज को राष्ट्रीयकृत घोषित करने के फैसले को स्थगन करने की मांग की गई थी।  

पीएचसी पीठ ने पेशावर के डायोसेक बिशप की याचिका को ऐतिहासिक एडवर्डस कॉलेज को एक निजी संस्था घोषित करने के लिए खारिज करते हुए कहा कि कॉलेज एक राष्ट्रीयकृत शैक्षणिक संस्थान है जो एक बोर्ड ऑफ गवर्नर्स (बीओजी) द्वारा शासित किया जाएगा। इस कॉलेज की स्थापना वर्ष 1900 में की गई थी। मामले में लिखित निर्णय अब बाहर आ गया है और पेशावर उच्च न्यायालय द्वारा 1974 की अधिसूचना के तहत कॉलेज का राष्ट्रीयकरण कर दिया गया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान जो भारत में अल्पसंख्यकों की स्थिति के बारे में बात करने का मौका कभी नहीं चूकते, ने अब तक इस मुद्दे पर चुप्पी बनाए रखी है।दुनिया भर में ईसाई समुदाय पेशावर हाईकोर्ट के इस अन्यायपूर्ण फैसले से काफी निराश महसूस कर रहे हैं। 

न्यूज इंटरनेशनल ने 19 अक्टूबर को एक रिपोर्ट में कहा था कि ईसाई समुदाय के नेताओं ने खैबर पख्तूनख्वा सरकार पर एडवर्डस कॉलेज के मामलों में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया है। द न्यूज इंटरनेशनल ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि ब्रिटिश पाकिस्तानी क्रिश्चियन समुदाय ने प्रधानमंत्री इमरान खान को ये आदेश जारी करने के लिए कहा है कि यह पुष्टि करने के लिए कि एडवर्डस कॉलेज पेशावर एक निजी ईसाई संस्थान रहेगा और इसका राष्ट्रीयकरण नहीं किया जाएगा,।

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