लाहौर, एएनआइ। एक प्रतिबंधित कट्टरपंथी इस्लामी समूह तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (टीएलपी) ने रविवार को चेतावनी दी कि उसके कार्यकर्ता लाहौर शहर के पास मुरीदके में धरना देंगे और फिर मंगलवार शाम तक इस्लामाबाद की ओर बढ़ जाएंगे।

प्रतिबंधित समूह की नेतृत्व परिषद की ओर से रविवार को जारी एक बयान में कहा गया, 'सरकार तीन बार अपने वादे से मुकर चुकी है। इस बार हम बैठकर इंतजार करेंगे।' टीएलपी के सैकड़ों कार्यकर्ता पूरे देश में सड़कों पर उतर आए और सरकार पर अपने प्रमुख हाफिज साद हुसैन रिजवी की रिहाई के लिए दबाव बनाने की कोशिश में लगे हुए हैं।

बयान में कहा गया, 'कोई भी तब तक घर नहीं जाएगा, जब तक कि प्रमुख साद हुसैन रिजवी सहित टीएलपी का पूरा नेतृत्व बाहर नहीं आ जाता और कोई घोषणा नहीं कर देता।' इसमें कहा गया है कि अगर परिषद का कोई सदस्य साद रिजवी की रिहाई के बिना घर जाने को कहे, तो आप उस नेता को भी गोली मार सकते हैं।

इस बीच, पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री शेख रशीद अहमद ने रविवार को कहा कि टीएलपी के प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सभी मामले बुधवार तक हटा दिए जाएंगे। एआरवाइ न्यूज ने बताया कि गिरफ्तार साद रिजवी और इमरान खान सरकार के बीच आठ घंटे तक चली बैठक के बाद यह घोषणा की गई।

रशीद ने कहा कि आने वाले दिनों में टीएलपी पर प्रतिबंध की भी समीक्षा की जाएगी। पाकिस्तानी प्रकाशन ने यह भी कहा कि उसके प्रमुख साद रिजवी की रिहाई के लिए एक योजना तैयार की जा रही है। देश में मौजूदा सुरक्षा स्थिति से निपटने के लिए इमरान खान द्वारा वापस बुलाए जाने के बाद शनिवार को आंतरिक मंत्री अपने देश लौट आए।

पाकिस्तानी समाचार चैनल जियो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री को पाकिस्तान लौटने के लिए मजबूर होना पड़ा क्योंकि टीएलपी ने घोषणा की थी कि वह अपने प्रमुख हाफिज साद हुसैन रिजवी की नजरबंदी के खिलाफ शुक्रवार को इस्लामाबाद की ओर एक लंबा मार्च शुरू करेगी। प्रतिबंधित कट्टरपंथी इस्लामी समूह तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (टीएलपी) द्वारा इस्लामाबाद तक संभावित मार्च को रोकने के लिए विभिन्न पाकिस्तानी बलों के हजारों जवानों को शनिवार को तैनात किया गया था।

बयान में कहा गया है कि टीएलपी के मरकज (मुख्यालय) से तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान का इस्लामाबाद की ओर शांतिपूर्ण नमूस-ए-रिसालत मार्च जुमे की नमाज के बाद शुरू होगा। डॉन अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, इसके सदस्यों को राजधानी में मार्च करने से रोक दिया गया है।

Edited By: Manish Pandey