यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 06, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Pakistan Election: पाकिस्तान के कानून मंत्री ने बताया कब होंगे आम चुनाव, देरी की वजह भी बताई
Pakistan General Elections इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद पड़ोसी मुल्क में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इमरान के ...और पढ़ें

HighLights
- पाकिस्तान के आम चुनावों में होगी देरी।
- कानून मंत्री आजम नजीर तरार ने बताया कब हो सकते हैं चुनाव।
- तरार ने चुनाव में देरी की वजह भी बताई।
इस्लामाबाद, एएनआई। Pakistan Election पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद पड़ोसी मुल्क में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इमरान के समर्थक सड़कों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस बीच पाक के आम चुनावों में और देरी होने की बात सामने आई है।
फरवरी से पहले चुनाव संभव नहीं
द न्यूज इंटरनेशनल की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान के कानून मंत्री आजम नजीर तरार ने चुनाव में देरी की वजह बताई। उन्होंने कहा कि 2023 डिजिटल जनगणना के आधार पर आम चुनाव 2024 के जनवरी या फरवरी से पहले संभव नहीं है।
जियो न्यूज से बात करते हुए, तरार ने कहा कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की अध्यक्षता में काउंसिल ऑफ कॉमन इंटरेस्ट (सीसीआई) की एक बैठक ने "सर्वसम्मति से" नए जनगणना परिणामों को मंजूरी दे दी है।
द न्यूज इंटरनेशनल की रिपोर्ट के अनुसार, कानून मंत्री ने संविधान के अनुच्छेद 51 का उल्लेख करते हुए कहा,
राष्ट्रीय और प्रांतीय विधानसभाओं के लिए आम चुनाव आयोग द्वारा प्रकाशित निर्वाचन क्षेत्रों की सीमा के अनुसार आयोजित किए जाएंगे। पाकिस्तान चुनाव आयोग (ईसीपी) को 120 दिनों की बाहरी सीमा के भीतर परिसीमन प्रक्रिया पूरी करनी है। हालांकि, यह ईसीपी का विशेषाधिकार है कि वे कितनी जल्दी प्रक्रिया शुरू करते हैं।
प्रांतों की सीटों की हिस्सेदारी नहीं बदलेगी
द न्यूज इंटरनेशनल की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा कि जनगणना 2023 के नतीजे बताते हैं कि नेशनल असेंबली की सामान्य सीटों में प्रांतों की हिस्सेदारी अगले चुनावों में नहीं बदलेगी। कानून मंत्री ने कहा कि जनगणना की पूरी प्रक्रिया 150 से 165 दिनों से ज्यादा नहीं चलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आम चुनाव कराने के लिए 54 और दिनों की आवश्यकता है।
द न्यूज इंटरनेशनल की रिपोर्ट के अनुसार, मंत्री ने कहा कि सीसीआई के सभी आठ सदस्य जनगणना 2023 के आधार पर आगामी चुनाव कराने पर सहमत हुए। उन्होंने बताया कि बैठक में उपस्थित लोगों में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, सभी चार मुख्यमंत्री और निकाय के अन्य सदस्य शामिल थे।
