नई दिल्‍ली [जागरण स्‍पेशल]। पाकिस्‍तान किस तरह की हरकत कर रहा है इसकी बानगी चीन में दिखाई दी है। कुछ दिन पहले पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने पीएम मोदी और भाजपा को लेकर कुछ बिगड़े बोल कहे थे। उनके ही पद चिन्‍हों पर आगे बढ़ते हुए इस बार पाकिस्‍तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कुछ ऐसा कहा जिसके बाद किसी का भी सिर शर्म से झुक जाएगा।

कुरैशी की चीन यात्रा
आपको बता दें कि कुरैशी इन दिनों चीन की विदेश यात्रा पर हैं। इस दौरान जहां उन्‍होंने चीन की जमकर तारीफ की है वहीं भारत सरकार को जमकर कोसा है। उनके कोसने की वजह भी अब जरा जान लेते हैं। उन्‍होंने भारत सरकार की यह कहते हुए भर्त्‍सना की है कि पीएम मोदी ने न्‍यूजीलैंड में मस्जिद पर हुए आतंकी हमले की निंदा करते हुए न तो मुस्लिम और न ही मस्जिद शब्‍द का इस्‍तेमाल किया है। उनके मुताबिक यह भारतीय पीएम की मानसिकता को दिखाता है जो मुस्लिमों को हमेशा से दूसरी नजरों से देखते हैं।

क्‍या कह बैठे कुरैशी
भारत सरकार और पीएम मोदी की निंदा करते हुए वह यहीं पर नहीं रुके। इससे आगे बढ़ते हुए उन्‍होंने कहा कि खुदा न करे लेकिन यदि इस तरह का हमला भारत के किसी मंदिर पर हुआ होता तो पाकिस्‍तान भारत के साथ खड़ा होता। लेकिन न्‍यूजीलैंड घटना के बाद भारत का रवैया मुस्लिमों के प्रति नकारात्‍मक दिखाई देता है। कुरैशी ने जिन शब्‍दों का इस्‍तेमाल अपने बयान में किया है वह वास्‍तव में किसी के लिए भी शर्मिंदा कर देने वाला है। यह कहना कोई गलत नहीं होगा कि उन्‍होंने यह बयान देकर न सिर्फ अपना बल्कि पाकिस्‍तान को भी शर्मिंदा किया है। यहां पर सवाल उठना स्‍वाभाविक है कि क्‍या वह भारत के किसी मंदिर पर हमला करवाने की फिराक में हैं या इसके पक्षधर हैं।

जैश ने किए कई बड़े हमले
कुरैशी का बयान न सिर्फ निंदा करने वाला है बल्कि कहीं न कहीं अपने आप में हास्‍यास्‍पद भी है। हास्‍यास्‍पद इसलिए क्‍योंकि भारत में पिछले एक दशक में जैश ए मुहम्‍मद ने कई बड़े हमलों को अंजाम दिया है। यह वही जैश है जिसका हैडक्‍वार्टर पाकिस्‍तान में हैं और जिसका सरगना मसूद अजहर, पाकिस्‍तान की सरकार, सेना और खुफिया एजेंसी की सरपरस्‍ती में रहता है। पाकिस्‍तान की सरकार उसका खर्चा वहन करती है। इसी मसूद अजहर कुरैशी और पाकिस्‍तान की सरकार आतंकी नहीं मानती है। उसकी और हाफिज सईद जैसे आतंकियों की गिनती वहां पर समाजसेवक के तौर पर होती है। 

भूल गए पुलवामा हमला
इतना ही नहीं कुरैशी अपना बयान देते समय यह भूल गए कि 14 फरवरी को जब पुलवामा में आतंकी हमला हुआ था उस वक्‍त पाकिस्‍तान की तरफ से इसकी निंदा करते हुए कोई बयान सामने नहीं आया था। वहीं सभी देशों ने इसकी जमकर निंदा की थी। काफी समय बाद विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता को इसकी निंदा करने का वक्‍त मिला था। उस वक्‍त तक भी इमरान खान इस पर चुप थे। यह हमला भी मसूद के आतंकी संगठन जैश ने करवाया था। यह वही मसूद है जिसपर अमेरिका और फ्रांस ने अपने-अपने यहां पर प्रतिबंध लगाया है। वहीं यूरोपियन यूनियन भी अब यही कदम उठाने जा रही है। वहीं यूएन में उस पर प्रतिबंध को लेकर चीन हर बार की तरह इस बार भी रोड़ा अड़ा चुका है। 

चीन की जमकर तारीफ
जहां तक चीन की बात है तो एक बार आपको उस बयान के बार में भी बता दें जिसमें उन्‍होंने जमकर तारीफ की है। कुरैशी ने कहा है‍ चीन ने एक बार फिर से साबित किया है कि वह पाकिस्‍तान का सबसे करीबी दोस्‍त है। पाकिस्‍तान को चीन पर पूरा विश्‍वास है। कुरैशी ने यह भी कहा कि उनके देश में मौजूद सभी चीन के निवेशकों को पूरी सुरक्षा मिलेगी, उन्‍हें चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। वह पाकिस्‍तान बिना रोक-टोक आ जा सकते हैं।

चीन की तारीफ की वजह
उनके इस बयान पर भी जरा गौर करना जरूरी हो जाता है। दरअसल, उन्‍होंने अपने बयान में चीन को यूएन में फ्रांस, अमेरिका और जर्मनी द्वारा मसूद के खिलाफ लाए गए प्रस्‍ताव को गिराने के लिए ही शुक्रिया कहा है। उनके बयान से यह बात साफतौर पर जाहिर होती है। लेकिन वर्तमान में चीन और पाकिस्‍तान की असली सूरत एक बार फिर सभी के सामने आ गई है।

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Posted By: Kamal Verma

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