इस्‍लामाबाद, एजेंसी । पाकिस्‍तान के विदेश मंत्री महमूद कुरैशी  (Shah Mehmood Qureshi) मध्‍य ऐशिया में उपजे तनाव के बीच अमेरिका के दो दिवसीय यात्रा पर जाएंगे। राजनीतिक और कूटनीतिक दृष्टि से  कुरैशी की यह यात्रा काफी अहम मानी जा रही है। पाकिस्‍तान विदेश कार्यालय के अनुसार कुरैशी अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ एवं राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रॉबर्ट ओ ब्रायन और अन्य वरिष्ठ प्रशासन अधिकारियों से मिलेंगे। यह कहा गया है कि प्रधानमंत्री इमरान खान के निर्देश पर विदेश मंत्री मध्य पूर्व या खाड़ी क्षेत्र में हाल के तनावों पर अपनी वार्ता केंद्रित करेंगे।

इसके पूर्व विदेश मंत्री कुरैशी पाकिस्तानी संसद के ऊपरी सदन  को संबोधित करते हुए सुलेमानी की हत्या की पृष्ठभूमि में क्षेत्रीय स्थिति और इसपर पाकिस्तान की नीति का उल्लेख कर चुके हैं। सोमवार को अमेरिका के साथ जारी तनावपूर्ण संबंध को खत्‍म करने के लिए पाकिस्‍तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने संयम बरतने की अपील करते हुए वार्ता पर जोर दिया। रविवार को कुरैशी दो दिवसीय ईरान और सऊदी अरब के दौरे पर थे। कुरैशी ने ईरानी राष्‍ट्रपति हसन रुहानी और विदेश मंत्री जवाद जरीफ से अलग-अलग मुलाकात की। इन मुलाकातों में मिड्ल ईस्‍ट व खाड़ी देशों में बढ़े तनावपूर्ण हालात पर चर्चा की गई। पाकिस्‍तान-ईरान के बीच के संबंधों पर भी चर्चा हुई। यह जानकारी विदेश मंत्रालय की ओर से दी गई। अमेरिकी ड्रोन हमले में ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी की मौत के बाद से खाड़ी क्षेत्र में जारी तनाव को कम करने के लिए पाकिस्‍तान की ओर से किया गया यह एक प्रयास है।

उधर, पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा है कि पाकिस्‍तान जिसकी सीमा ईरान के साथ लगती है, किसी क्षेत्रीय विवाद का हिस्‍सा बनने के बजाए शांति बरकरार रखने का जरिया बनेगा। पाकिस्‍तान की शक्‍तिशाली सेना ने भी कहा कि यह अपनी सरजमीं को किसी के खिलाफ इस्‍तेमाल करने की अनुमति नहीं देगा। पाकिस्तान के सेना प्रमुख ने शांति और स्थायित्व के लिए सभी साझेदारों की ओर से स्थिति को सहज बनाने के लिए सकारात्मक ढंग से और प्रयास किए जाने पर जोर दिया था। अमरीकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो ने भी ट्विटर पर इसका जिक्र करते हुए लिखा कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल बाजवा से बात हुई 

गौरतलब है कि अमेरिका के राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप के निर्देश पर ईरान के जनरल कमांडर कासिम सुलेमानी की 3 जनवरी को मौत हो गई थी। इसके बाद ईरान ने आत्‍मरक्षा के लिए इराक स्‍थित अमेरिकी सेना के दो बेसों पर मिसाइल से हमला किया। इसी बीच ईरान ने गलती से यूक्रेन के एक विमान को मार गिराया जिसमें सवार कुल 176 यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई। से ही समूचे खाड़ी प्रदेशों में तनाव जारी है। 

Posted By: Ramesh Mishra

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