कराची, प्रेट्र। पाकिस्तान की सिंध सरकार ने वर्ष 2002 में अमेरिकी पत्रकार डेनियल पर्ल के अपहरण एवं हत्या के दोषी ब्रिटिश मूल के अलकायदा नेता अहमद उमर सईद शेख और उसके तीन साथियों की हिरासत अवधि तीन महीने के लिए बढ़ा दी है। निचली अदालत ने शेख को दोषी करार देते हुए मौत की सजा सुनाई थी लेकिन अप्रैल में उच्च न्यायालय ने सजा को पलट दिया था। पर्ल हत्याकांड के चार दोषियों की सजा को पलटने के उच्च न्यायालय के फैसले को निलंबित करने के लिए सिंध सरकार ने उच्चतम न्यायालय में याचिका दाखिल की थी, जिसे उच्चतम न्यायालय ने 29 जून को खारिज कर दिया था।

हिरासत अवधि एक जुलाई को समाप्त हो गई

हालांकि, अदालत ने सरकार को दोषियों को हिरासत में रखने के लिए कदम उठाने की अनुमति दी थी। इनकी हिरासत अवधि एक जुलाई को समाप्त हो गई। अधिकारियों ने बताया कि सिंध सरकार ने दोषियों की हिरासत अवधि 90 दिन के लिए बढ़ा दी है। कराची केंद्रीय कारागर के अधीक्षक हसन सेहतू ने संवाददाताओं से कहा कि दोषियों को 30 सितंबर तक जेल में ही रहना होगा। गौरतलब है कि सिंध उच्च न्यायालय के फैसले के दो दिन बाद सिंध सरकार ने शेख और उसके तीन साथियों को जेल में रखने के लिए इन पर लोक व्यवस्था रखरखाव कानून लागू कर दिया था।

उमर शेख का भारतीय कनेक्‍शन 

उमर शेख को दुनिया में भले ही डेनियल पर्ल के हत्यारे के तौर पर जाना जाता है लेकिन इसका भारतीय कनेक्शन इससे भी पुराना है। वर्ष 1999 के अंत में आतंकवादियों ने भारत के सरकारी क्षेत्र की विमानन कंपनी इंडियन एयरलाइंस आईसी 814 को अपह्रत कर लिया था। जहाज में अपने नागरिकों को छुड़ाने के लिए तत्कालीन एनडीए सरकार ने तीन कुख्यात आतंकियों को छोड़ा था जिसमें मौलाना मसूद अजहर, मुश्ताक अहमद जरगर के साथ ओसामा शेख को छोड़ा गया था। तब ओसामा उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित जेल में भारत में चार विदेशी नागरिकों के अपहरण करने के जुर्म में सजा काट रहा था।

 

Posted By: Arun Kumar Singh

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