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पीओके (मुजफ्फराबाद) एएनआइ। गुलाम कश्मीर (पीओके) में लोग महंगाई दर में लगातार वृद्धि और इस्लामाबाद द्वारा लगाए गए उच्च कर (heavy pay taxes) के कारण भारी कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। इसके बाद भी यहां के निवासियों को कभी इन सबका लाभ नहीं मिलता। हालांकि, पाकिस्तान अपनी अक्षम नीतियों के कारण हाल के दिनों में आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है।

यहां के लोगों ने पाकिस्तान प्रधानमंत्री इमरान खान पर उनकी दुर्दशा के प्रति उदासीन होने और समृद्धि लाने के लंबे दावे करने का आरोप लगाया है। उनका यह भी आरोप है कि पाकिस्तान ने इस क्षेत्र के विकास के लिए कुछ नहीं किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री इमरान खान ने पाकिस्तान बदलने के बहाने लोगों का जीवन बदतर बना दिया है। ईंधन, भोजन और परिवहन लागत में हुई बढ़ोतरी ने इस क्षेत्र के लोगों के घरेलू बजट को बुरी तरह प्रभावित किया है। एक युवा विक्रेता ने कहा, 'सब कुछ महंगा हो गया है। पहले, मैं प्रति माह 500 रुपये बचाता था लेकिन,अब मेरी मासिक बचत घटकर 300 रुपये हो गई है। इमरान खान ने सब कुछ महंगा कर दिया है।कमरों का किराया बढ़ गया है। साथ ही खाने के दामों में भी वृद्धि हुई है। अब यहां रहने का कोई मतलब नहीं है। क्षेत्र में रोजगार और विकास की बातें हो रही हैं लेकिन, विकास नहीं हो रहा है। लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

एक अन्य स्थानीय ने कहा कि महंगाई इतनी बढ़ गई है कि आम आदमी के लिए गुजर बसर करना मुश्किल हो गया है। पेट्रोल की किमतें जो 90 रूपए प्रति लीटर के आस पास है थी वह अब 160 रूपए के पास पहुंच गई हैं। आटे का पैकेट जो पहले 900 रूपये का आता था वह अब 1100 रूपये का हो गया है। चीनी के धाम भी 60 रूपये किलो से 120 रूपये हो गए हैं। 

पाकिस्तान की उपभोक्ता मूल्य मुद्रास्फीति (consumer price inflation) मार्च में बढ़कर 9.41 प्रतिशत हो गई थी जो पिछले पांच वर्षों में सबसे अधिक है। कैश-स्ट्रैप्ड देश को हाल ही में अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष से छह बिलियन अमरीकी डालर का 13 वां बेलआउट पैकेज मिला है। 

Posted By: Ayushi Tyagi

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