इस्लामाबाद, एएनआइ। कोरोना वायरस के प्रकोप के चलते पहले के खस्ताहाल पाकिस्तान को 1.3 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है। यह धनराशि पाकिस्तानी करेंसी में है। इससे उसकी आर्थिक स्थिति बहुत बुरी हो सकती है। ऐसा सेवा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर नौकरी जाने और एयरलाइन समेत कई कारोबारों के ठप पड़ जाने से होगा। न्यूज इंटरनेशनल की रिपोर्ट में कहा गया है। एशियाई विकास बैंक ने पाकिस्तान को पांच अरब डॉलर के नुकसान का अंदाजा लगाया है लेकिन पाकिस्तानी अधिकारियों का दावा है कि नुकसान इससे कम होगा।

3.3 लाख करोड़ पर आ जाएगी जीडीपी

पाकिस्तान के योजना आयोग का मानना है कि 4.4 लाख करोड़ रुपये की जीडीपी घटकर 3.3 लाख करोड़ पर आ जाएगी। पाकिस्तान के राजस्व की वसूली की स्थिति में कोरोना संकट के चलते और ज्यादा गिरावट आई है। हाल ही में पाकिस्‍तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा था कि कोरोना वायरस के चलते वह पूरे देश को लॉकडाउन नहीं कर सकते हैं क्योंकि देश की अर्थव्यवस्था इस तरह की नहीं है कि उसे बंद कर दिया जाए। उनका कहना है कि लॉकडाउन से अफरा तफरी मच जाएगी। इमरान ने लोगों से खुद को क्वारंटाइन करने का आग्रह किया है। पाकिस्‍तानी अखबार डॉन के मुताबिक, मुल्‍क में संक्रमितों की सख्या 875 पर पहुंच गई है।

ओबीओआर का काम रोकने की मांग

गिलगित और बाल्टिस्तान के राजनीतिक नेताओं ने अपने इलाके में चल रहे चीन के ओबीओआर (वन बेल्ट-वन रोड) अभियान को तत्काल रोके जाने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि अभियान के अंतर्गत बने चीन-पाकिस्तान इकोनोमिक कॉरीडोर से होकर ही कोरोना वायरस गिलगित, बाल्टिस्तान, पाकिस्तान और दुनिया के अन्य हिस्सों में पहुंचा है। ओबीओआर अभियान में बड़ी संख्या में चीन के मजदूर और अधिकारी कार्यरत हैं। इसलिए माना जा रहा है कि कोरोना वायरस उनके जरिये ही गिलगित-बाल्टिस्तान में दाखिल हुआ।

Posted By: Krishna Bihari Singh

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