इस्‍लामाबाद/काबुल, एजेंसियां। अफगानिस्‍तान को लेकर पाकिस्‍तान की मंशा बेनकाब हो गई है। अफगानिस्तान में तालिबान आतंकियों के साथ लगातार बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान ने इस पड़ोसी मुल्‍क से लगती अपनी सीमा की अग्रिम चौकियों पर सेना के जवानों की तैनाती की है। पाकिस्‍तानी अखबार डॉन ने आतंरिक मामलों के मंत्री शेख रशीद अहमद के हवाले से बताया कि अफगानिस्‍तान से लगते अग्रिम ठिकानों पर सेना के जवानों को तैनात किया गया है।

शेख रशीद अहमद ने कहा कि आतंरिक मंत्रालय के तहत कार्यरत एफसी बलूचिस्तान और अन्य मिलिशिया को सीमा पर गश्त के कार्य से वापस बुला लिया गया है। अब सेना के जवान सीमा पर तैनात है। सैनिकों की तैनाती का यह फैसला सीमा पर तनाव पैदा होने के मद्देनजर लिया गया है। हाल ही में पाकिस्‍तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल बाबर इफ्तिकार ने कहा था कि सीमा पर सैनिकों की तैनाती से अफगानिस्तान में चल रही लड़ाई को पाकिस्तान आने से रोकने में मदद मिलेगी।

वहीं पाकिस्तानी सेना के सूत्रों का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में सबसे बड़ी चुनौती शरणार्थियों, घुसपैठियों, अफगान सेना के सैनिकों और तालिबान आतंकियों को भी पाक में दाखिल होने से रोकना है। एक अधिकारी ने कहा कि एक हजार से अधिक अफगान सैनिक तजाकिस्तान भाग गए हैं। ऐसे में यदि अफगान सैनिक भागकर पाकिस्‍तान की सीमा में आते हैं तो तालिबान आतंकी भी पीछा करते हुए आएंगे जिससे पाकिस्तानी इलाके में लड़ाई फैलने की आशंका है।

वहीं अफगानिस्तान में सुरक्षा बलों और तालिबान के बीच संघर्ष तेज हो गया है। अफगान वायु सेना ने दो प्रांतों में आतंकियों के कई ठिकानों को निशाना बनाया। इसमें 33 आतंकी ढेर हो गए और 17 घायल हो गए। अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को हवाई हमलों की पुष्टि की। तालिबान ने अमेरिकी हवाई हमले पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि दोहा समझौते का उल्लंघन किया गया है।

अमेरिका ने अफगान बलों के समर्थन में शुक्रवार को कंधार और हेलमंद प्रांतों में हवाई हमले किए थे। यह समझौता गत वर्ष फरवरी में अमेरिका और तालिबान के बीच हुआ था। इसी समझौते के तहत अमेरिकी बलों की अफगानिस्तान से वापसी हो रही है। बता दें कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच 2,640 किलोमीटर लंबी सीमा है जिनमें से 90 फीसद पर पाक ने सुरक्षा दीवार बनाई है।