'हमारे कहने पर दो ईरानी नेता हिट लिस्ट से हटे', बड़बोले पाकिस्तान का बड़ा दावा
द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने पाकिस्तानी सूत्र के हवाले से दावा किया है कि उसकी पहल पर इजरायल ने ईरान ...और पढ़ें

'हमारे कहने पर दो ईरानी नेता हिट लिस्ट से हटे', पाकिस्तान का दावा (फोटो- रॉयटर)
HighLights
पाकिस्तान के सूत्र के हवाले से वाल स्ट्रीट जर्नल ने किया दावा, इजरायल ने नहीं की टिप्पणी
इजरायल ने इस्लामाबाद में समझौता वार्ता पर कहा था, पाकिस्तान पर नहीं कर सकते भरोसा
रॉयटर, इस्लामाबाद। एक तरफ अमेरिकी सहयोगी ईरान को समझौते के लिए बातचीत की टेबल पर लाने में जुटे हैं, वहीं पाकिस्तान अपने बड़बोलेपन से बाज नहीं आ रहा।
द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने पाकिस्तानी सूत्र के हवाले से दावा किया है कि उसकी पहल पर इजरायल ने ईरान के दो नेताओं को अगले चार से पांच दिनों के लिए अपनी हिट लिस्ट से हटा लिया है।
सूत्र ने दावा किया कि पाकिस्तान ने इसके लिए अमेरिका से अपील की थी। हालांकि, इस मामले में इजरायली सेना ने साफ-साफ कुछ नहीं कहा। पाकिस्तान से भी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान ने अपने आग्रह में अमेरिका से कहा था कि यदि ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बकर गलीबॉफ को भी मार दिया गया, तो ईरान की तरफ से बातचीत करने के लिए कोई नेता बचेगा नहीं। इसलिए, अमेरिका ने इजरायल से पीछे हटने को कहा है।
इस मामले में इजरायली पीएम नेतन्याहू के कार्यालय की तरफ से तत्काल कुछ नहीं कहा गया। वहीं इजरायल सेना के प्रवक्ता नदव शोशानी ने इस मुद्दे पर साफ-साफ कुछ नहीं कहा।
गौरतलब है कि एक दिन पूर्व ही पाकिस्तान में समझौता वार्ता की संभावनाओं को लेकर भारत में इजरायली राजदूत रूवेन अजार ने कहा था कि जिन देशों के साथ हमारे राजनयिक संबंध नहीं हैं, उन पर भरोसा नहीं किया जा सकता।
पाकिस्तान की मध्यस्थता पर अमेरिकी विशेषज्ञ का तंज
अमेरिका के पूर्व सैन्य अधिकारी और भू-राजनीतिक विशेषज्ञ कर्नल डगलस मैकग्रेगर ने पश्चिम एशिया संकट में पाकिस्तान की मध्यस्थता की कोशिशों पर सवाल उठाया है।
एएनआई से बातचीत में उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की स्थिति ऐसी है जैसे “जलती हुई इमारत में खड़ा व्यक्ति किसी को उसी इमारत में कमरा देने की पेशकश करे।''
उनके अनुसार पाकिस्तान गंभीर आर्थिक और आंतरिक संकटों से घिरा है, इसलिए उसे तटस्थ मध्यस्थ नहीं माना जा सकता। मैकग्रेगर ने कहा कि इजरायल पाकिस्तान को समस्या का हिस्सा मानेगा, समाधान का नहीं।
उन्होंने इस संभावना को “अव्यावहारिक'' बताया कि युद्ध समाप्ति के लिए कोई पक्ष इस्लामाबाद जाकर समझौता करेगा। उन्होंने भारत को अधिक विश्वसनीय विकल्प बताते हुए कहा कि भारत के विभिन्न वैश्विक शक्ति समूहों से संतुलित संबंध हैं और वह संवाद प्रक्रिया में अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकता है।
