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इस्लामाबाद, एएनआइ। पाकिस्‍तान को अब फाइनेंशियल ऐक्शन टास्क फोर्स (FATF) की ब्लैक लिस्ट से कोई नहीं बचा सकता। पाकिस्तान को भी इस बात का अब यकीन हो गया है। उसका मानना है कि खराब रेटिंग की वजह से एफएटीएफ द्वारा ब्लैक लिस्टिंग की संभावना और बढ़ गई है। सूत्रों का मनना है कि बैंकॉक में हुए एफएटीएफ की बैठक में पाकिस्तान एशिया पैसिफिक ज्वाइंट ग्रुप को मामूली रूप से भी आश्वस्थ नहीं कर पाया है।

वहीं पाकिस्तान के एक अधिकारी ने बताया कि अब एफएटीएफ की काली सूची से बचने के लिए फाइनेंशियल ऐक्शन टास्क फोर्स के सभी सदस्यों के साथ अपने संबंधों को बढ़ाने की योजना बना रहा है। बताया जा रहा है कि इस महीने के अंत में होने वाली UNGA की बैठक से इतर इमरान खान कम से कम 20 वैश्विक नेताओं से मुताकात करेंगे।

पेरिस में होने वाली बैठक में अंतिम फैसला

फिलहाल पाकिस्तान एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट में शामिल है। एफएटीएफ पाकिस्तानी अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट का मूल्यांकन करेगा। यह अंतिम निर्णय करेगा कि पाकिस्तान को उसकी ग्रे सूची में रखा जाए या उसे ब्लैक लिस्ट में डाल दिया जाए। 13-18 अक्टूबर को पेरिस में होने वाली बैठक में ये फैसला लिया जाएगा।

आतंकवाद के खिलाफ उठाए गए कदमों की समीक्षा

फाइनेंशियल ऐक्शन टास्क फोर्स द्वारा उठाए गए 125 सवालों का जवाब पाकिस्तान के आर्थिक मामलों के मंत्री हम्माद अजहर ने पेश की। इस बैठक में वैश्विक निगरानी संस्था एफएटीएफ का एशिया प्रशांत समूह (Asia Pacific Group, APG) पाकिस्तान द्वारा आतंकवाद के खिलाफ उठाए गए कदमों की समीक्षा करेगा।

बता दें कि एफएटीएफ ने जून 2018 में पाकिस्तान को अपनी ग्रे लिस्ट में रखा था। पाकिसेतान को आतंक के खिलाफ कार्रवाई के लिए 27 सूत्रीय ऐक्शन प्लान सौंपा गया था। इसके लिए फसे 15 महीने का समय दिया गया था। इसी के जरिए उसके प्रदर्शन की समीक्षा होनी है।

Posted By: Manish Pandey

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