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एफएटीएफ का खौफ, पाकिस्‍तान ने अब मसूद अजहर पर कसा शिकंजा, अदालत ने कहा- 18 जनवरी तक करो गिरफ्तार

पाकिस्तान की आतंकवाद निरोधी अदालत ने जैश-ए-मुहम्मद के सरगना मसूद अजहर को टेरर फंडिंग मामले में 18 जनवरी तक गिरफ्तार करने के आदेश जारी किए हैं। आतंकवाद निरोधी विभाग द्वारा लगाए गए टेरर फंडिंग के आरोप के बाद अजहर के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था।

By Krishna Bihari SinghEdited By: Published: Sat, 09 Jan 2021 06:51 PM (IST)Updated: Sat, 09 Jan 2021 11:43 PM (IST)
पाकिस्तान की अदालत ने मसूद अजहर को 18 जनवरी तक गिरफ्तार करने के आदेश जारी किए हैं।

लाहौर, पीटीआइ। आतंकियों को मदद पहुंचाने के आरोप में दुनियाभर में घिरे पाकिस्तान को अपने जिहादी आकाओं पर कार्रवाई करने के लिए विवश होना पड़ रहा है। पाकिस्तान की आतंकवाद निरोधी अदालत (एटीसी) ने जैश-ए-मुहम्मद के सरगना मसूद अजहर को टेरर फंडिंग मामले में 18 जनवरी तक गिरफ्तार करने को कहा है। गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान एटीसी गुजरांवाला ने आतंकवाद निरोधी विभाग (सीटीडी) द्वारा लगाए गए टेरर फंडिंग के आरोप के बाद अजहर के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था।

पुलवामा का गुनहगार है मसूद अजहर

बता दें कि 14 फरवरी 2019 को पुलवामा में हुए आतंकी हमले में जैश-ए-मुहम्मद ने अपनी भूमिका स्वीकार की थी। इस हमले में सीआरपीएफ के 40 से अधिक जवान शहीद हुए थे। इस हमले के बाद 26 फरवरी 2019 को भारत ने पाकिस्तान के बालाकोट में एयर स्ट्राइक की थी, जिसमें तीन सौ से अधिक आतंकी मारे गए थे।

अदालत ने कहा, अजहर को पेश करो 

अदालत से जुड़े एक अधिकारी ने बताया, 'एटीसी गुजरांवाला की न्यायाधीश नताशा नसीम सुप्रा ने शुक्रवार को मामले की सुनवाई के दौरान सीटीडी को स्पष्ट निर्देश दिया कि वह 18 जनवरी तक जैश-ए- मुहम्मद प्रमुख के मसूद अजहर को गिरफ्तार करके उसे अदालत में पेश करें।'

...तो कर दिया जाएगा भगोड़ा घोषित 

कोर्ट ने यह भी कहा है कि अगर पुलिस गिरफ्तार करने में सफल नहीं होती है तो अदालत उसे भगोड़ा घोषित करने की कार्यवाही शुरू कर सकती है। अजहर पर टेरर फंडिंग और जिहादी साहित्य बेचने के आरोप लगे हैं। पुलवामा हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय दबाव के चलते पाकिस्तान सरकार ने प्रतिबंधित आतंकी संगठनों के 100 से अधिक गुर्गो को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार किए जाने वालों मसूद अजहर को बेटा और भाई भी थे।

यात्रियों की सलामती के बदले छोड़ा गया था अजहर

1994 में मसूद अजहर पुर्तगाल के पासपोर्ट पर बांग्लादेश के रास्ते भारत में दाखिल हुआ था। इसके बाद वो कश्मीर पहुंचा। अनंतनाग से उसे फरवरी 1994 में गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, 1999 में कंधार विमान अपहरण के बाद यात्रियों की सलामती के एवज में मसूद अजहर को तत्कालीन सरकार ने छोड़ दिया था। पुलवामा हमले के बाद मई 2019 में संयुक्त राष्ट्र ने उसे वैश्विक आतंकी घोषित कर दिया।

कार्रवाई पर भारत ने कसा तंज

मुंबई हमले के मास्टरमाइंड जकी-उर- रहमान लखवी को सुनाई गई सजा और मसूद अजहर के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट पर भारत ने शुक्रवार को पाकिस्तान पर तंज कसा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बैठकों से पहले पड़ोसी देश आंखों में धूल झोंकने वाली इस तरह की कार्रवाई करता रहता है।

फरवरी में होगी एफएटीएफ की बैठक 

बता दें कि फरवरी 2021 में एफएटीएफ की बैठक होनी है। एफएटीएफ ने पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में डाल रखा है। श्रीवास्तव ने कहा, 'संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित संस्थाएं और आतंकी पाकिस्तानी सरकार के भारत विरोधी एजेंडे को पूरा करने का काम करती हैं। अब यह अंतरराष्ट्रीय समुदाय के ऊपर है कि वह इसके लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराए और आतंकी समूहों के खिलाफ कार्रवाई करे।' 


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