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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 22, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पाकिस्‍तान में मनी लांड्रिंग में फंसे, पेपर वाला, फलूदा वाला और छाबड़ी वाला, जानें क्‍या है मामला

By Kamal VermaEdited By:
Published: Mon, 22 Nov 2021 10:46 AM (IST)

पाकिस्‍तान की भ्रष्‍टाचार निरोधक एजेंसी नेशनल अकाउंटिबिलिटी ब्‍यूरो (एनएबी) ने कहा है कि उनके पास मनी लांड्रिंग मामले में पक्‍के ...और पढ़ें

मनी लांड्रिंग मामले में एनएबी के पास पक्‍के सबूत
मनी लांड्रिंग मामले में एनएबी के पास पक्‍के सबूत

इस्‍लामाबाद (एएनआई)। पाकिस्‍तान के नेशनल अकांउटिबिलिटी ब्‍यूरो का कहना है कि उनके पास में मनी लांड्रिंग मामले में पक्‍के सबूत हैं। एनएबी का कहना है कि इस मामले में कई बड़ी मछलियों के नाम भी सामने आए हैं जिन्‍होंने विभिन्‍न बैंकों में फर्जी अकांउट खोले हुए थे। ये फर्जी अकाउंट किसी पेपर वाला, छाबड़ी वाला और फलूदा वाला के नाम पर खोले गए थे। यां फंसी हैं। पाकिस्‍तान के न्‍यूज इंटरनेशनल की खबर के मुताबिक एनएबी के चेयरमेन जस्टिस जे इकबाल ने कहा है कि एनएबी ने मनी लांड्रिंग मामले में एनएबी पूरी तरह से जवाबदेह है कि कोई भी निर्दोश इसमें न फंसाया जाए।

उन्‍होंने एनएबी की तारीफ भी की कि वो पूरी तरह से निष्‍पक्ष होकर और पूरी इमानदारी से अपना काम कर रही है। वो मीडिया के द्वारा चलाए जा रहे प्रचार की तरफ भी ध्‍यान नहीं दे रही है। ब्‍यूरो पूरी तरह से और दायरे में रहते हुए अपने काम को अंजाम दे रहा है। देश के कानून के हिसाब से सभी चीजों को देख भी रहा है। एनएबी ने मामले की जांच के लिए एक कंबाइंड इंवेस्टिगेशन टीम (सीआईटी) का गठन किया है। इसमें सर्विसेज आफ डायरेक्‍टर, एडीशनल डायरेक्‍टर, इंवेस्टिगेशन आफिसर, लीगल काउंसिल और मोनेट्री और लैंड रिवेन्‍यू डिपार्टमेंट के एक्‍सपर्ट शामिल हैं

एनएबी के बारे में बताते हुए जस्टिस इकबाल यहीं पर नहीं रुके, बल्कि उन्‍होंने कहा कि ये यूएन कंवेशन के अनुसार बनाई गई एजेंसी है जिसका काम देश में फैले भ्रष्‍टाचार को रोकना और इसकी जांच करना है। एनएबी ने अक्‍टूबर 2017 से अक्‍टूबर 2021 के दौरान 538 बिलियन की राशि जब्‍त की है। इकबाल के मुताबिक पाकिस्‍तान एकमात्र देश है जिसका चीन के साथ भ्रष्‍टाचार को रोकने के लिए समझौता है। बता दें कि एनएबी को लेकर पहले से ही विपक्ष सरकार पर हमलावर होता रहा है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार इस एजेंसी के जरिए नेताओं को झूठे मुकदमों में फंसा रही है।