कराची, एएनआइ। पुलिस के मामलों में सेना के हस्तक्षेप के बाद पाकिस्तान में अब गृह युद्ध के हालात बन गए हैं। पुलिस और सेना आमने-सामने आ गए हैं। दोनों के बीच भीषण गोलीबारी हो रही है। सेना-पुलिस संघर्ष में अब तक पांच सैनिकों सहित दस की मौत हो गई है। पुलिस में विद्रोह के हालात हो गए हैं। पाक के मुख्यधारा की मीडिया ने गंभीर होते हालातों को जनता से छिपाने की कोशिश शुरू कर दी है।

सिंध की पुलिस और पाक सेना के बीच भीषण गोलीबारी के दौरान सेना ने पुलिस अधीक्षक आफताब अनवर को हिरासत में ले लिया। सेना और पुलिस के बीच मामला उस समय तूल पकड़ा, जब 11 विपक्षी दलों के गठबंधन पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) ने कराची में एक विशाल रैली की। इस रैली में सेना की कठपुतली बनी इमरान सरकार और सेना पर जमकर निशाने साधे गए। रैली में जबर्दस्त भीड़ इकट्ठा हुई थी। लंदन से वीडियो लिंक के जरिए पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने भी संबोधित किया।

रैली के बाद सेना ने मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) नेता मरयम नवाज के पति सफदर अवान को होटल से गिरफ्तार कर लिया । पीएमएल-एन नेताओं के अनुसार स्थिति उस समय खराब हो गई, जब पाक सेना ने सफदर के खिलाफ एफआइआर व गिरफ्तारी का दबाव बनाया और सिंध प्रांत के आइजी पुलिस मुश्ताक मेहर का अपहरण कर लिया।

पुलिस के उच्च अधिकारी का अपहरण किए जाने से सेना और पुलिस के बीच टकराव हो गया। यही मामला अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। पुलिस में विद्रोह की स्थिति हो गई है। सिंध प्रांत के सभी बड़े पुलिस अधिकारियों ने छुट्टी का आवदेन दे दिया है। इनमें तीन एडिशनल आइजी, 25 डीआइजी, तीस एसएसपी और एक दर्जन से अधिक एसपी शामिल हैं। सेना को लेकर पुलिस का विरोध अब हर स्तर पर शुरू हो गया है।

Edited By: Manish Pandey