नई दिल्ली [जागरण स्पेशल]। मानवाधिकार दिवस के मौके पर जहां दुनिया भर के लोग अपने यहां के नागरिकों को उनके अधिकारों के बारे में बताने के लिए काम कर रहे थे, उनको जागरुक कर रहे थे वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान दुनिया से कश्मीर पर मानवाधिकार की बात कह रहे थे। वो दुनिया से अपील कर रहे थे कि कश्मीर के मसले में हस्तक्षेप करें और कश्मीर को आजाद कराएं। 

ट्वीट कर की मानवाधिकार की अपील 

एक ट्वीट करते हुए उन्होंने कहा कि "मानवाधिकार दिवस पर, हमें विश्व की अंतरात्मा से अपील करनी चाहिए कि वो अंतरराष्ट्रीय कानून के धारकों को UNSC द्वारा भारतीय कब्जे वाले कश्मीर को आजाद कराने के लिए काम करें। उन्होंने भारत की ओर से कश्मीर में बीते 4 माह से लगाई गई पाबंदियों और वहां पर हो रहे मानवाधिकार उल्लंघन पर कार्रवाई किए जाने की मांग की।

ट्वीट में उनका कहना है कि भारत कश्मीर में कश्मीरी पुरुषों, महिलाओं और बच्चों पर अत्याचार कर रही है। इसको भी समाप्त किए जाने की मांग उन्होंने की है। उन्होंने खुद ही कश्मीरियों के साथ खड़े रहने की बात कही। जबकि कश्मीरी ये चाहते हैं या नहीं इससे उनको कोई सरोकार नहीं है। अब जब कश्मीर में सबकुछ सामान्य हो चुका है उसके बाद भी इमरान रह-रहकर कश्मीर के लोगों को भारत के खिलाफ भड़काने का काम किया करते हैं।

5 अगस्त को खत्म कर दिया अनुच्छेद 370 

केंद्र सरकार ने 5 अगस्त को जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 को खत्म कर दिया था, उसी के बाद से वहां पर सुरक्षा के लिहाज से कई तरह की पाबंदियां लगी हुई थीं। इसको लेकर भी इमरान चिल्लाते रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी वो इस मुद्दे को उठा चुके हैं मगर उनको वहां से भी कोई बढ़िया रिस्पांस नहीं मिला तो वो शांत बैठे। मगर जब-जब समय आता है और मौका मिलता है तो वो इस मुद्दे को उठाने से नहीं चुकते। जिन-जिन मंचों पर वो इस मुद्दे को उठा चुके हैं वहां से उनको इस पर कुछ हासिल नहीं हुआ। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इसे भारत का अंदरूनी मामला बता चुका है उसके बाद भी इमरान इसी की गुहार लगाते रहते हैं। 

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 45 मिनट के भाषण में सिर्फ कश्मीर पर बोले 

अनुच्छेद 370 को खत्म किए जाने के बाद से प्रधानमंत्री इमरान खान इस मुद्दे को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाकर चिंता व्यक्त कर चुके हैं। सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा में उनके 45 मिनट से अधिक लंबे भाषण में भारत के कब्जे वाले कश्मीर और क्षेत्र में लगाए गए प्रतिबंधों के संबंध में भारत की तीव्र आलोचना थी। पैगंबर मुहम्मद के 1400 साल पहले दिए गए संदेश को ट्वीट करते हुए उन्होंने कहा कि मुसलमानों को सभी के लिए समानता, न्याय और मानवाधिकारों के सरंक्षण का संदेश का पालन करना चाहिए।  

Posted By: Vinay Tiwari

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