लाहौर, एजेंसी। लाहौर हाईकोर्ट ने पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ को 8 अक्टूबर को तलब किया है। नवाज़ शरीफ को उनके उस बयान के लिए तलब किया है जिसमे उन्होंने भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई में 26/11 हमलों में पाकिस्तान का हाथ होने की बात को स्वीकार किया था। इस साल मई के महीने में नवाज़ शरीफ ने पाकिस्तान के अखबार 'द डॉन' को दिए एक इंटरव्यू में स्वीकार किया था कि पाकिस्तान में आतंकवादियों को ट्रेनिंग देने वाले कैम्प सक्रिय हैं। नवाज़ शरीफ ने पाकिस्तान की आतंकवाद को शरण देने वाली नीति पर सवाल उठाये थे। इसी इंटरव्यू में नवाज़ शरीफ ने पाकिस्तान में 26/11 हमलों की कोर्ट सुनवाई की धीमी गति पर भी सवाल उठाये थे।

लाहौर हाईकोर्ट के जस्टिस सैयद मजहर अली अकबर नकवी की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय खंडपीठ ने डॉन अखबार के पत्रकार सिरिल अल्मेडा के खिलाफ गैर जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। कोर्ट ने सिरिल अल्मेडा का नाम एग्जिट कण्ट्रोल लिस्ट में डालने का आदेश दिया था। लाहौर कोर्ट के जस्टिस नक़वी ने पत्रकार सिरिल अल्मेडा के कोर्ट में हाज़िर न होने पर नाराज़गी जताई। कोर्ट ने पुलिस को आदेश दिया कि वो केस की अगली सुनवाई पर अल्मेडा को कोर्ट में पेश करें।

इसके पहले कोर्ट ने नवाज़ शरीफ वकील से पूछा की नवाज़ शरीफ कोर्ट में पेश क्यों नहीं हुए हैं ? उनके वकील ने कोर्ट को बताया कि अभी कुछ दिन पहले नवाज़ शरीफ की पत्नी कुलसुम नवाज़ का निधन हुआ है। इसी वजह से वो आज कोर्ट में पेश नहीं हुए हैं। नवाज़ शरीफ के वकील ने कोर्ट को आश्वासन दिया की केस की अगली सुनवाई पर वो कोर्ट में ज़रूर पेश होंगे।

इस मामले में याचिकाकर्ता ने नवाज़ शरीफ पर देशद्रोह का आरोप लगाया है। याचिकाकर्ता के मुताबिक मुंबई हमलो में शामिल लोगों को पाकिस्तानी बताकर नवाज़ शरीफ ने देशद्रोह किया है। नवाज़ शरीफ को पिछले साल प्रधानमंत्री पद छोड़ना पड़ा था। क्यूंकि कोर्ट ने उन्हें भ्र्ष्टाचार के मामले में दोषी पाया था। इसके बाद नवाज़ शरीफ को 10 साल की सज़ा सुनाई गई थी। मुंबई में 2008 में पाकिस्तान प्रशिक्षित आतंकवादियों के हमले में 166 से ज़्यादा लोगों की मौत हो गयी थी, मारे गए लोगों में विदेशी भी शामिल थे।

Posted By: Ravindra Pratap Sing

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