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इस्‍लामाबाद, एजेंसी। Milk price in Pakistan: पाकिस्‍तान की अर्थव्‍यवस्‍था का खस्‍ता हाल है। आइएमएफ ने अपनी हालिया रिपोर्ट में कहा है कि पाकिस्तान का खजाना खत्म होने के कगार पर है और दूसरी ओर उसकी बाहरी तथा राजकोषीय वित्तीय जरूरतें बढ़ती जा रही हैं। आइएमएफ ने आशंका जाहिर की है कि पाकिस्तान के लिए पहले से लिए गए कर्ज को चुकाना मुश्किल होगा। वहीं दूसरी ओर आतंकी संगठनों की फंडिंग पर नजर रखने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था FATF (Financial Action Task Force) जरूरी कार्रवाई नहीं करने पर पाकिस्तान को ब्लैकलिस्ट कर सकती है। भारत से व्‍यापार बंद होने और अर्थव्‍यवस्‍था का बुरा हाल होने से वहां आम जरूरत की चीजों के दाम भी लोगों की पहुंच से दूर हो रही हैं।

वहां पर पिछले महीने पेट्रो पदार्थों की कीमतें पहले ही ज्‍यादा हैं। अब वहां दूध भी आम लोगों की पहुंच से दूर हो गया हो गया है। मुहर्रम के मौके पर भी लोगों को दूध आसानी से उपलब्‍ध नहीं हुआ। भारत से व्‍यापार बंद होने से होने से पाकिस्‍तान की अर्थव्‍यवस्‍था पर बुरा असर पड़ा है।

पेट्रोल और डीजल से भी महंगा बिक रहा दूध
पाकिस्‍तान में पिछले महीने पेट्रोल की कीमतें 117.83 रुपये (पाकिस्तानी रुपया) प्रति लीटर तक पहुंच गई थीं और डीजल 132.47 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई थी। जबकि पाकिस्‍तान में दूध की कीमत 140-150 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है। ऐसे में पाकिस्‍तान में दूध पेट्रोल और डीजल से भी महंगा बिक रहा है। बच्‍चों को भी यह आसानी से उपलब्‍ध नहीं हो रहा है। पाकिस्‍तान में पहले से रोजमर्रा की चीजों की कीमतें आसमान छू रही हैं। अब मुसलमानों के पवित्र त्‍योहार मुहर्रम के मौके पर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पाकिस्‍तान के सबसे बड़े शहर कराची और सिंध प्रांत में दूध की कीमत एक सौ चालीस रुपये (पाकिस्तानी) प्रति लीटर तक पहुंच गई है।

मुहर्रम पर लोगों को आसानी से नहीं मिला दूध
एक पाकिस्तानी अखबार में बताया गया है कि देश में 'डेयरी माफिया' मुहर्रम के अवसर पर दूध की बढ़ी मांग के बीच लोगों से लूटमार पर उतर आया है और मनमानी कीमत वसूल रहा है। मुहर्रम के मौके पर लोगों के बीच बांटने के लिए दूध का शरबत, खीर वगैरह बनाई जाती है। बढ़ी मांग के बीच दूध विक्रेताओं ने दाम बेतहाशा बढ़ा दिए। ऐसे में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

रोजमर्रा की चीजें हुईं महंगी
पाकिस्तान में लोगों और व्यापारियों का कहना है कि इस बार ईद के बाद मुहर्रम मनाने में मुश्किल हो रही है क्योंकि भारत से आने वाली चीजों पर प्रतिबंध से महंगाई और बढ़ गई है। इस बढ़ती महंगाई से रोजमर्रा की चीजें महंगी हो गई हैं। भारत से पाकिस्तान मुख्‍य तौर पर चीनी, चाय, ऑयल, केक, पेट्रोलियम तेल, कच्चा कपास, सूती धागे, टायर, रबड, डाई, रसायन समेत 14 सामान भेजे जाते थे।

भारत से व्‍यापार बंद होने से चीजें और महंगी  
पाकिस्तान बड़े पैमाने पर भारत से टमाटर का आयात करता था। जब व्यापार बंद हो गया, तो पाकिस्तान में टमाटर 300 रुपये किलो से ऊपर पहुंच गया। इस वजह से पाकिस्तानियों को महंगाई की मार पड़ रही है। पाकिस्‍तान में चीनी 72 रुपये प्रति किलो, प्याज 64 रुपये प्रति किलो, मटन 1009 प्रति किलो, सरसो तेल 246 रुपये प्रति किलो मिल रहा है। भारत से पाकिस्तान मुख्‍य तौर पर चीनी, चाय, जीवन रक्षक दवाएं, ऑयल, केक, पेट्रोलियम तेल, कच्चा कपास, सूती धागे, टायर, रबड, डाई, रसायन समेत 14 सामान भेजे जाते थे।

वहीं, भारत पाकिस्‍तान से कुल 19 प्रमुख उत्‍पादों का आयात करता था, जिसमें प्रमुख तौर पर ताजे फल थे। फल की निर्यात ठप होने से पाकिस्तानी मंडियों में फलों के ढेर लग गए और किसानों को सही दाम नहीं मिल रहा।

सिर्फ सुबह और शाम खुल रही हैं दुकानें
पाकिस्‍तानी सरकार ने एक लीटर दूध की कीमत 94 रुपये लीटर तय की हुई है, लेकिन यह लोगों को 110 रुपये लीटर से कम पर नहीं मिलता। अब मुहर्रम के मौके पर यह एक सौ चालीस रुपये लीटर तक पहुंच गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि दूध की दुकानें हर समय खुली रखने के बजाय सुबह और शाम के समय चंद घंटे के लिए ही खोली जा रही हैं। ऐसे में दूध का मिलना कोई आसान काम नहीं रह गया है।

 

Posted By: Arun Kumar Singh

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