नई दिल्ली, जेएनएन। चीन के बूते पर कूद रहे पाकिस्तान के मिसाइल निर्माण कार्यक्रम में सुरक्षा की पोल खुल गई है। उसकी अधकचरी मिसाइल तकनीक उस समय जगजाहिर हो गई, जब परीक्षण के दौरान एक बैलिस्टिक मिसाइल बलूचिस्तान प्रांत की एक बलूच बस्ती पर गिर गई। इसमें कई लोग घायल हो गए और दर्जनों घर तबाह हो गए।

पाकिस्तान ने परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम बैलिस्टिक मिसाइल शाहीन-3 का गत बुधवार को परीक्षण किया था। इसकी सफलता के लिए प्रधानमंत्री इमरान खान ने विज्ञानियों को बधाई भी दी थी। हालांकि सुरक्षा में एक चूक के चलते यह मिसाइल विवादों में आ गई। बलूचिस्तान रिपब्लिकन पार्टी ने ट्वीट के जरिये बताया कि डेरा गाजी खान के राखी इलाके से दागी गई यह मिसाइल डेरा बुग्ती के रिहायशी इलाके में आकर गिरी। पार्टी के प्रवक्ता शेर मुहम्मद बुग्ती ने एक ट्वीट में कहा, 'पाकिस्तान की सेना ने बलूचिस्तान को प्रयोगशाला बनाकर रख दिया है। यह मिसाइल लोगों की मौजूदगी में दागी गई। इसमें कई लोग घायल हो गए और दर्जनों घर तबाह हो गए।'

बलूचिस्तान में खतरनाक हथियारों का परीक्षण करता रहता है पाकिस्तान

जबकि बलूचिस्तान की मानवाधिकार कार्यकर्ता फजीला बलूच ने ट्वीट में कहा, 'पाकिस्तान बलूचिस्तान में अपने खतरनाक हथियारों का परीक्षण करता रहता है। आज उन्होंने शाहीन मिसाइल का परीक्षण किया, जो डेरा बुग्ती में आकर गिरी।' फजीला ने इस ट्वीट के साथ कुछ तस्वीरें भी पोस्ट कीं, जिसके जरिये उन्होंने दावा किया कि ये लोग 1998 में पाकिस्तान के परमाणु मिसाइल परीक्षण के दौरान घायल हुए थे। हालांकि पाकिस्तान की सेना ने किसी बस्ती पर मिसाइल गिरने की खबर से इन्कार किया है।

2,750 किलोमीटर है मारक क्षमता

पाकिस्तान की सेना ने बुधवार को बताया था कि बैलिस्टिक मिसाइल शाहीन-3 की मारक क्षमता 2,750 किलोमीटर है। यह तकनीक के मामले में बेहद उन्नत है। इस मारक क्षमता का मतलब है कि यह चेन्नई तक पहुंच सकती है।

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