इस्लामाबाद, प्रेट्र। पाकिस्तान की भ्रष्टाचार रोधी अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ पर चल रहे भ्रष्टाचार के दो मुकदमों में फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने अल-अजीजिया स्टील मिल्स मामले में शरीफ को सात साल जेल की सजा सुनाई है,जबकी पनामा पेपर लीक्स से जुड़े फ्लैगशिप इनवेस्टमेंट केस में वे बरी हो गए हैं।कोर्ट ने उनपर 2.5 मिलियन यूएस डालर और 1.5 मिलियन पाउंड का जुर्माना लगाया है। अदालत ने अल-अजीजिया और हिल मेटल की संपत्तियों को जब्त करने का भी आदेश दिया है। इससे पहले इस्लामाबाद स्थित जवाबदेही अदालत के जज मुहम्मद अरशद मलिक ने पिछले हफ्ते इन मामलों की सुनवाई पूरी कर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

जियो टीवी के अनुसार जज मलिक ने अपने फैसले में कहा कि 68 वर्षीय पूर्व प्रधानमंत्री के खिलाफ अल-अजीजिया मामले में ठोस सबूत मिले हैं । 2001 में शरीफ के परिवार ने सऊदी अरब में अल-अजीजिया स्टील मिलों को स्थापित करने में आए खर्चे का भुगतान नहीं किया था और बाद में हिल मेटल केस के संबंध में भी यही हुआ। अदालत ने जब यह फैसला सुनाया उस वक्त शरीफ कोर्ट में मौजूद थे।

फैसले के तुरंत बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि उन्हें रावलपिंडी की अदियाला जेल या लाहौर की कोट लखपत जेल में भेजा जाएगा। इस फैसले को वे चुनौती भी दे सकते हैं। उच्चतम न्यायालय ने तीन बार के पूर्व प्रधानमंत्री के खिलाफ शेष दो भ्रष्टाचार के मामलों की सुनवाई के लिए सोमवार की समय सीमा निर्धारित की थी। शरीफ के तीन मामलों - एवेंफील्ड प्रॉपर्टीज केस,फ्लैगशिप इनवेस्टमेंट केस और अल-अजीजिया स्टील मिल्स केस में हाई कोर्ट के फैसले के बाद 8 सितंबर, 2017 को राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो द्वारा शुरू किया गया था। 

कोर्ट जाने से पहले इस्लामाबाद में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं साथ एक विशेष बैठक के बाद उन्होंने कहा कि 'मुझे किसी तरह का डर नहीं है। मेरी अंतरात्मा साफ है। मैंने ऐसा कुछ भी नहीं किया जिससे मुझे अपना सिर झुकाना पड़े। मैंने हमेशा इस देश की ईमानदारी से सेवा की है।' उन्होंने यह भी कहा कि उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं है। 'मुझे उम्मीद है कि न्याय होगा और मेरी जीत होगी।' बताया जा रहा है कि शरीफ कुल 165 बार जवाबदेही अदालत के सामने पेश हुए हैं।

एक मामले में हो चुकी है 11 साल की सजा

लंदन में आलीशान फ्लैट से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में इस साल जुलाई में शरीफ, उनकी बेटी मरयम और दामाद सेवानिवृत्त कैप्टन मुहम्मद सफदर को क्रमश: 11, आठ और एक साल की सजा हो चुकी है। इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने सितंबर में तीनों को जमानत दे दी थी।

इन्हीं मामलों में उनके दोनों बेटे हैं भगोड़े

शरीफ के दोनों बेटे हसन और हुसैन भ्रष्टाचार के इन मामलों में भगोड़े चल रहे हैं। वे एक बार भी कोर्ट में पेश नहीं हुए। कोर्ट उनके केस की सुनवाई अलग से करेगा।

यह है अजीजिया स्टील मिल्स केस 

शरीफ परिवार पर अजीजिया स्टील मिल्स और हिल मेटल कंपनी से जुड़े भ्रष्टाचार के दो मामले हैं। शरीफ परिवार ने सऊदी अरब के जेद्दा में सात अरब रुपये की पूंजी से अजीजिया स्टील मिल्स का निर्माण कराया था। ज्वाइंट इंवेस्टिगेशन टीम के मुताबिक हिल मेटल कंपनी ने 2010 से 2015 के बीच 99.77 लाख डॉलर का मुनाफा कमाया। इस दौरान इसमें से 4.04 लाख डॉलर नवाज शरीफ को भेजे गए।

Posted By: Tanisk