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पाकिस्तान में फिर बनी टकराव की स्थिति, सड़कों पर उतरे इमरान खान के समर्थक

Published: Mon, 05 Oct 2026 02:45 PM (IST)

इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर हजारों समर्थकों ने इस्लामाबाद की ओर कूच किया है, जिससे पाकिस्तान में राजनीतिक तनाव गहरा गया है।

HighLights

  1. इमरान खान की रिहाई के लिए समर्थकों का इस्लामाबाद कूच।

  2. सरकार और पीटीआई के बीच बातचीत विफल होने से बढ़ा तनाव।

  3. राजधानी इस्लामाबाद में सुरक्षा कड़ी, टकराव की आशंका।

डिजिटल डेस्क, इस्लामाबाद। पाकिस्तान में एक बार फिर राजनीतिक पारा चढ़ गया है। अपने नेता इमरान खान की रिहाई के लिए उनके हजारों समर्थकों ने रविवार को राजधानी इस्लामाबाद की ओर कूच कर दिया है।

दरअसल, जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) और मौजूदा शहबाज शरीफ सरकार के बीच चल रही बातचीत पूरी तरह नाकाम रही, जिसके बाद नाराज कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरने का फैसला किया।

खैबर पख्तूनख्वा से रवाना हुआ बड़ा काफिला

इमरान खान की पार्टी के सरकार वाले प्रांत खैबर पख्तूनख्वा के लक्की मरवत जिले से विशाल मार्च शुरू हुआ। हजारों समर्थक ट्रकों, बसों और कारों के लंबे काफिले के साथ आगे बढ़ रहे हैं। आयोजकों ने इस्लामाबाद पहुंचने से पहले रास्ते में रात के ठहराव की योजना बनाई है।

खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री और इमरान खान के कट्टर समर्थक सोहेल अफरीदी इस मार्च की अगुवाई कर रहे हैं। इमरान खान की बड़ी तस्वीर वाले एक कंटेनर ट्रक से बोलते हुए अफरीदी ने भरोसा जताया कि आंदोलन अपनी मांगों को राजधानी के केंद्र तक पहुंचाने में सफल रहेगा।

प्रदर्शनकारियों को इस्लामाबाद में दाखिल होने से रोकने के लिए सुरक्षा बलों और प्रशासन ने कड़े बंदोबस्त किए हैं। राजधानी के सभी प्रवेश द्वारों और शहर के भीतर कई प्रमुख चौराहों पर शिपिंग कंटेनर रखकर भारी बैरिकेडिंग की गई है, जिससे पूरा शहर छावनी में तब्दील नजर आ रहा है।

बातचीत क्यों रही बेनतीजा?

मार्च को टालने को लेकर सरकार और पीटीआई नेताओं के बीच दो दौर की बातचीत हुई, लेकिन कोई सहमति नहीं बन सकी। पीटीआई के चेयरमैन गौहर खान ने पुष्टि की कि बातचीत बेनतीजा रही।

पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने बातचीत टूटने के लिए खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री को जिम्मेदार ठहराया और चेतावनी दी कि इस प्रदर्शन के दौरान किसी भी तरह की जान-माल की हानि की जिम्मेदारी उन्हीं की होगी।

सरकार ने उत्तर-पश्चिम क्षेत्र में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के बढ़ते आतंकी हमलों का हवाला देकर विरोध प्रदर्शन टालने की अपील की थी और पीटीआई पर आतंकियों के प्रति सहानुभूति रखने का भी आरोप लगाया था।

रिहाई के साथ अस्पताल में शिफ्ट करने की मांग

पीटीआई नेताओं का कहना है कि वे लाखों समर्थकों को एकजुट कर हर हाल में इस्लामाबाद पहुंचेंगे। खान की रिहाई की मांग के साथ-साथ प्रदर्शनकारी उन्हें तुरंत जेल से अस्पताल में शिफ्ट करने और परिवार व निजी डॉक्टरों को मिलने की अनुमति देने की मांग कर रहे हैं।

वहीं, सरकारी अधिकारियों का कहना है कि इमरान खान पूरी तरह स्वस्थ हैं और उनका परिवार नियमित रूप से उनसे मिलता है, लेकिन जेल की बैठकों को राजनीतिक मंच नहीं बनने दिया जाएगा।

यह मार्च पहले 27 सितंबर को निकाला जाना था, लेकिन अटक पुल जैसे प्रमुख रास्तों को सील किए जाने के बाद इसे टाल दिया गया था।

खान के समर्थकों के पिछले विरोध प्रदर्शन कई मौकों पर हिंसक रूप ले चुके हैं, जिनमें 2024 में सुरक्षाकर्मियों और नागरिकों की मौत भी हुई थी। ऐसे में इस नए मार्च के चलते इस्लामाबाद में टकराव और तनाव की स्थिति और गहरी हो गई है।

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