क्‍वेटा, राइटर। पाकिस्‍तान पुलिस ने गुरुवार को मुख्‍य लाहौर से सैकड़ों पाकिस्‍तान मुस्लिम लीग (नवाज) के सैकड़ों कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया, जबकि एक पखवाड़े के बाद देश में चुनाव होने वाले हैं। पार्टी के आधिकारिक प्रवक्‍ता ने यह जानकारी दी। उन्‍होंने गिरफ्तारी को स्‍पष्‍ट कारण नहीं बताया, लेकिन पार्टी का कहना है कि देश में संभावित विरोध को रोकने के लिए ऐसा किया गया है।

एक पुलिस अधिकारी ने अपनी पहचान जाहिर नहीं करते हुए बताया कि पीएमएल (एन) के सैकड़ों कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है। हमें निर्देश मिला है कि कानून व्‍यवस्‍था बनाए रखने के लिए प्रमुख पीएमएल (एन) नेताओं को गिरफ्तार किया जाए। पीएमएल (एन) ने इस कार्रवाई को सेना द्वारा पार्टी को अस्थिर करने का प्रयास बताया है।

यह कार्रवाई ऐसे समय की जा रही है, जब पीएमएल (एन) संस्‍थापक और पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ लंदन से पाकिस्‍तान लौट रहे हैं, जब उनको गिरफ्तार किया जाएगा। पार्टी के मीडिया संयोजक ने बताया कि बड़ी कार्रवाई के अन्‍तर्गत करीब पांच सौ कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है। यहां तक कि पार्टी के स्‍थानीय पार्षदों को उनके घर से उठा लिया गया है।

पीएमएल (एन) के कार्यकर्ताओं ने बताया कि यह कार्रवाई सड़कों पर होने वाले प्रदर्शने को रोकने के लिए ऐसा किया जा रहा है, जब शरीफ लंदन से वापस पाकिस्‍तान लौट रहे हैं। इस दौरान वह फैसले और सजा को चुनौती देंगे। पिछले सप्‍ताह पाकिस्‍तान की जवाबदेही कोर्ट ने भ्रष्‍टाचार के मामले में शरीफ की गैरमौजूदगी में दस साल कैद की सजा सुनाई। इसके मामले में आरोप है कि पूर्व पीएम ने लंदन ने भ्रष्‍ट तरीके से लंदन में चार फ्लैट खरीदा था।

शरीफ ने फैसले को राजनीति से प्रेरित और न्‍यायिक फैसलों का शिकार बताया। इसके लिए उन्‍होंने सेना को दोषी बताया। उन्‍होंने आरोप लगाया कि 25 जुलार्इ् को होने वाले चुनाव से पहले सेना की खुफिया शाखा और इंटर सर्विसेज पार्टी उम्‍मीदवारों को वफादारी बदलने और स्‍वतंत्र रूप से लड़ने के लिए प्रेरित कर रही है। यह भी आरोप लगाया गया है कि सेना होने वाले चुनाव में राजनीति दलों के लिए दिक्‍कतें पार्टी के लिए समस्‍या पैदा कर रही है। इस दौरान सेना पाकिस्‍तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के मुखिया इमरान खान को सत्‍ता में लाने के लिए प्‍यादे के रूप में इस्‍तेमाल कर रही है।

हालांकि सेना ने किसी प्रकार के दखलंदाजी से इंकार किया है। जबकि परमाणु सशस्‍त्र पाकिस्‍तान में सेना ने 70 सालों के इंतिहास में करीब आधे समय तक शासन किया है। सेना ने 1999 में शरीफ के दूसरे कार्यकाल को रक्‍तहीन चालों से खत्‍म किया था। इमरान खान ने सेना के साथ साठगांठ से इंकार किया है। पंजाब सरकार के कार्यवाहक विधि मंत्री शौकत जावेद ने राइटर से बातचीत करते हुए कहा कि गिरफ्तारी के लिए उनके आफिस से कोई आदेश जारी नहीं हुआ है। पंजाब सरकार की ओर से पीएमएल (एन) के र्कायकर्ताओं को गिरफ्तार करने के लिए कोई निर्देश नहीं दिया गया है।

पिछले हफ्ते कोर्ट में मौजूद दर्जनों पीएमएल (एन) र्कायकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है। इनके खिलाफ शरीफ के लौटने पर देश में अशांति का माहौल पैदा करने का आरोप है। एक पीएमएल (एन) कार्यकर्ता मुस्‍ति‍फन शाह ने बताया कि पुलिस मेरे मकान की निगरानी कर रही है व पार्टी के कई अन्‍य कार्यकर्ताओं के घरों पर बुधवार रात को छापे मारे गए। उन्‍होंने कहा कि मैं पिछली रात को ही अपने घर को छोड़ दिया और एक दोस्‍त के घर छिपा हुआ हूं।  

Posted By: Arun Kumar Singh