पाकिस्तान में इंसानियत शर्मसार: हिंदू नाबालिग का अपहरण कर जबरन निकाह, बेटी की तलाश में भटक रहा परिवार
वॉयस ऑफ पाकिस्तान माइनॉरिटी के अनुसार, पाकिस्तान के सिंध में रामसुन ठाकुर की बेटी और नौवीं कक्षा की छात्रा पूजा ...और पढ़ें

सिंध प्रांत में हर महीने दर्जनों हिंदू लड़कियाँ हो रहीं गायब (सांकेतिक तस्वीर)
HighLights
पाकिस्तान में नहीं थम रहा अल्पसंख्यकों पर हमला
सिंध प्रांत में हर महीने दर्जनों हिंदू लड़कियां हो रहीं गायब
पाकिस्तान में हिंदू लड़की का अपहरण, दुष्कर्म, मतांतरण और निकाह
अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न पर दुनिया भर में उठी विरोध की आवाज
आईएएनएस, इस्लामाबाद। एक प्रमुख अल्पसंख्यक अधिकार संगठन ने मंगलवार को पाकिस्तान के सिंध प्रांत में एक नाबालिग हिंदू लड़की के दुष्कर्म, मतांतरण और निकाह की कड़ी निंदा की। इससे देशभर में अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
वॉयस ऑफ पाकिस्तान माइनॉरिटी के अनुसार, रामसुन ठाकुर की बेटी और नौवीं कक्षा की छात्रा पूजा का अपहरण कर लिया गया और उसे दुष्कर्म, मतांतरण के ''दुखद सपने'' में धकेल दिया गया।
संगठन ने दावा किया कि उसका नाम 'दुआ फातिमा' रखा गया और उसे इमरान अली, अल्लाह वारियो के बेटे से विवाह करने के लिए मजबूर किया गया, इसे ''एक क्रूर रिवाज'' करार दिया गया जिसने उसकी पहचान छीन ली और उसे एक ऐसी जिंदगी में जकड़ दिया जिसे उसने कभी नहीं चुना।
अधिकार संगठन ने बताया कि परिवार की पीड़ा को इंटरनेट मीडिया और अल्पसंख्यक अधिकार समूहों में व्यापक रूप से साझा किया गया है, जिससे सिंध में हिंदू लड़कियों की असुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है।
वॉयस ऑफ पाकिस्तान माइनॉरिटी ने कहा, ''पाकिस्तान में दुष्कर्म और मतांतरण कोई अलग-थलग त्रासदी नहीं है; यह एक निरंतर महामारी है, विशेषकर सिंध में, जहां हिंदू परिवारों को इस डर में जीना पड़ता है कि उनकी बेटियों का अपहरण किया जाएगा, उन्हें ब्रेनवाश किया जाएगा, और 'प्रेम' या विश्वास के नाम पर उनका निकाह करा दिया जाएगा।''
