नई दिल्ली, प्रेट्र। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ के पूर्व प्रमुख असद दुर्रानी ने कहा कि मुंबई आतंकी हमले के मुख्य साजिशकर्ता और प्रतिबंधित आतंकी संगठन जमात उद दावा के सरगना हाफिज सईद के खिलाफ मुकदमा चलाना पाकिस्तान को बहुत महंगा पड़ेगा।
77 वर्षीय दुर्रानी ने अपनी नई किताब में लिखा है कि अगर पाकिस्तान हाफिज सईद पर मुकदमा चलाता है तो पहली प्रतिक्रिया होगी कि ऐसा भारत की तरफ से किया जा रहा है। लोग कहेंगे आप उसे खदेड़ रहे हैं, वह निर्दोष है। अब इसकी राजनीतिक कीमत बहुत बड़ी है। दुर्रानी ने अपनी नई किताब में भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ के पूर्व प्रमुख एएस दुलत के साथ भारत और पाकिस्तान से जुड़े हरेक मुद्दे पर चर्चा की है। किताब में दुलत ने दुर्रानी से पूछा कि पाकिस्तान के लिए हाफिज सईद की क्या कीमत है? इस पर दुर्रानी ने जवाब दिया कि उस पर मुकदमा चलाना बहुत महंगा पड़ेगा।
गौरतलब है कि अमेरिका ने आतंकी गतिविधियों के चलते आतंकी हाफिज सईद पर करीब एक करोड़ डॉलर का ईनाम रखा है। पाकिस्तान ने इसी दबाव में आकर पिछले साल हाफिज सईद को जनवरी से नवंबर तक नजरबंद रखने का ढोंग भी किया था। 2008 में मुंबई पर आतंकी हमला करने के बाद अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र ने हाफिज सईद को वैश्विक आतंकी घोषित किया था। इसके बाद पाकिस्तान ने हाफिज को कुछ महीने के लिए नजरबंद रखा और फिर रिहा कर दिया।
दुर्रानी ने अपनी किताब में कहा है कि मुंबई पर हमला अकेली ऐसी घटना है जिसके लिए उसने फैसला किया कि वह किसी भी भारतीय और पाकिस्तानी एजेंसी के समक्ष हाजिर होगा और बताएगा कि यह किसने किया है। फिर चाहे वह सरकार की ओर से प्रायोजित हो, आइएसआइ प्रायोजित हो, सेना की ओर से प्रायोजित हो, उसे पकड़ा जाना चाहिए और सजा दी जानी चाहिए।

हेडली को आइएसआइ मेजर बताया
दुर्रानी ने अपनी किताब में लिखा है कि मुंबई हमले में चार दिनों का विनाश, 168 लोगों की हत्या ही इसकी वजह नहीं है। पाकिस्तान अपने पूर्वी क्षेत्र में युद्ध का खतरा और उठाने की हालत में नहीं है। देश में पश्चिम में भी कई समस्याएं हैं। मुझे नहीं पता कि यह किसने किया लेकिन सवाल उठ रहे हैं कि आइएसआइ मेजर डेविड हेडली (अमेरिका की गिरफ्त में) ने पाकिस्तान के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। हेडली के हाफिज सईद से संबंध होने की रिपोर्ट में दुर्रानी ने लिखा है कि लोग इस बारे में जांच-पड़ताल करा सकते हैं।

पाक सेना ने दुर्रानी को तलब किया
इस बीच, पाकिस्तान की सशक्त सेना ने दुर्रानी को उसकी नई किताब 'रॉ, आइएसआइ एंड द इल्यूजन ऑफ पीस' पर स्पष्टीकरण देने के लिए सोमवार को तलब कर लिया है। पाकिस्तानी सेना का आरोप है कि इस किताब के जरिए दुर्रानी ने सैन्य आचार संहिता का उल्लंघन किया है।

Posted By: Manish Negi

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