इस्लामाबाद (पाकिस्तान), एजेंसी। विनाशकारी बाढ़ का सामना कर रहे देश में सब्जियों और खाद्य उत्पादों की बढ़ती कीमतों के बीच, ईरान और अफगानिस्तान से सब्जियों को लेकर 50 ट्रक ताफ्तान और चमन सीमाओं के माध्यम से पाकिस्तान पहुंचे हैं।

50 बड़े ट्रक पहुंचे पाकिस्तान

डान अखबार के मुताबिक, क्वेटा कस्टम कलेक्ट्रेट के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, पिछले दो दिनों में 50 बड़े ट्रक ताफ्तान और चमन के फ्रेंडशिप गेट्स के जरिए पाकिस्तान में पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में प्याज और टमाटर की और खेप देश में पहुंचेगी।

एक वरिष्ठ सीमा शुल्क अधिकारी अरशद हुसैन ने कहा, हमें शुक्रवार को ईरान से ताजा टमाटर और प्याज के 27 ट्रक मिले जो 660 टन प्याज और टमाटर ले जा रहे थे जबकि कल 13 ट्रक पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि, इन ट्रकों को जोड़ने के बाद कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद तुरंत क्वेटा भेज दिया गया।

नियमित जांच के बाद ट्रकों को किया रवाना

सीमा शुल्क के उप कलेक्टर, चमन, मलिक मुहम्मद अहमद ने कहा कि 10 ट्रक अफगानिस्तान से चमन सीमा के माध्यम से पाकिस्तान में आए हैं। उन्होंने कहा कि ताजा टमाटर और प्याज की खेप से लदे ट्रकों को नियमित जांच के बाद आगे के लिए रवाना कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि संघीय सरकार ने पहले ही ईरान और अफगानिस्तान से टमाटर और प्याज के आयात पर शून्य सीमा शुल्क की घोषणा की थी।

पाकिस्तान कर रहा सब्जियों की कमी का सामना

डान की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान भारी बारिश और बाढ़ का सामना कर रहा है जिसके कारण इन दो वस्तुओं (प्याज और टमाटक) और अन्य सब्जियों की कीमतें बहुत अधिक बढ़ गई हैं और पूरा देश सब्जियों की कमी का सामना कर रहा है।

संघीय सरकार ने निजी क्षेत्र से ईरान और अफगानिस्तान से टमाटर और प्याज आयात करने का आग्रह किया है। प्याज और टमाटर की बढ़ी कीमतों के चलते सरकार ने इन सब्जियों पर 90 दिनों के लिए शुल्क भी समाप्त कर दिया है।

बलूचिस्तान के चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष फिदा हुसैन दशती ने कहा, दो पड़ोसी देशों से प्याज और टमाटर के आयात के कारण अगले दो से तीन दिनों में इन दोनों वस्तुओं की कीमतों में देश भर के सभी बाजारों में कमी आ जाएगी।

पाकिस्तान की गंभीर स्थिति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उसे अफगानिस्तान से मदद मांगनी पड़ी है, जो खुद एक बड़े मानवीय संकट का सामना कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र ने शुक्रवार को पाकिस्तान में बिगड़ती बाढ़ की स्थिति पर चिंता व्यक्त की क्योंकि इससे संकटग्रस्त अफगानिस्तान को खाद्य आपूर्ति को खतरा होगा।

संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कार्यक्रम (UN's World Food Programme) ने कहा कि पाकिस्तान के माध्यम से सड़क मार्ग से अधिकांश खाद्य सहायता (food aid) पहुंचाई गई है।

डब्ल्यूएफपी (WFP) के पाकिस्तान कंट्री डायरेक्टर क्रिस काये (Pakistan country director Chris Kaye) ने कहा कि पाकिस्तान में अपने लोगों को खिलाने और इसके साथ ही अफगानिस्तान को भोजन की आपूर्ति जारी रखने में कृषि उत्पादन को बहाल करना एक बहुत बड़ी समस्या है।

काये ने कहा, बड़ी मात्रा में भोजन कराची बंदरगाह के माध्यम से प्रवेश करता है। पाकिस्तान अफगानिस्तान में एक महत्वपूर्ण आपूर्ति मार्ग प्रदान करता है। सड़कें जो बह गई हैं, जो हमारे सामने एक बड़ी लाजिस्टिक चुनौतियों को खड़ा कर रही हैं।

यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (European Space Agency) के उपग्रह चित्रों के अनुसार, इतिहास में सबसे खराब बाढ़ के बीच पाकिस्तान का एक तिहाई से अधिक हिस्सा पानी के अंदर है।

पाकिस्तान के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (Pakistan's National Disaster Management Authority) के अनुसार, जून के मध्य से अब तक बाढ़ से 1,100 से अधिक लोगों की मृत्यु हुई है, जिनमें से लगभग 400 बच्चे हैं, जबकि लाखों लोग विस्थापित हुए हैं।

पाकिस्तान के मौसम विभाग के अनुसार, पाकिस्तान का मानसून का मौसम आमतौर पर भारी बारिश लेकर आता है, लेकिन 1961 में रिकॉर्ड शुरू होने के बाद से इस साल सबसे अधिक बारिश हुई है।

इतिहास की सबसे खराब बाढ़- शहबाज

पाकिस्तान के प्रधान मंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि ये बाढ़ देश के इतिहास में सबसे खराब थी और अनुमान है कि इस आपदा के कारण बुनियादी ढांचे, घरों और खेतों को 10 अरब डालर से अधिक का नुकसान हुआ है।

पाकिस्तान के जलवायु परिवर्तन मंत्री शेरी रहमान के अनुसार, 33 मिलियन से अधिक लोग या लगभग 15 प्रतिशत आबादी प्रभावित हुई है। एनडीएमए के अनुसार, 10 लाख से अधिक घर क्षतिग्रस्त या नष्ट हो गए हैं, जबकि कम से कम 5,000 किलोमीटर सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है।

बाढ़ से हुआ फसलों को भारी नुकसान

मानवीय मामलों के समन्वय के लिए संयुक्त राष्ट्र कार्यालय की एक स्थिति रिपोर्ट के अनुसार, बाढ़ ने 2 मिलियन एकड़ फसलों को प्रभावित किया है और पूरे पाकिस्तान में 794,000 से अधिक पशुधन मारे गए हैं।

डब्ल्यूएचओ के अनुसार, कई प्रभावित जिलों में रिपोर्ट के अनुसार, देश में 800 से अधिक स्वास्थ्य सुविधाएं क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जिनमें से 180 पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जिसके कारण लाखों लोगों को स्वास्थ्य देखभाल और चिकित्सा उपचार की सुविधा नहीं मिल पा रही है।

Edited By: Versha Singh

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