पाकिस्तान की नापाक सौदेबाजी! मुनीर के आलोचकों के बदले लेगा 'चाइल्ड रेपिस्ट'; ब्रिटेन के सामने शर्त का पूरा सच क्या?
पाकिस्तान ने ब्रिटेन से एक कुख्यात चाइल्ड रेपिस्ट को वापस लेने के बदले आसिम मुनीर के आलोचकों के प्रत्यर्पण की ...और पढ़ें

शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर। (File Photo)
HighLights
पाकिस्तान ने चाइल्ड रेपिस्ट के बदले मुनीर के आलोचक मांगे।
ब्रिटेन शबीर अहमद को पाकिस्तान डिपोर्ट करना चाहता है।
डिजिटल डेस्क, लंदन/इस्लामाबाद। दुनियाभर में कटोरा लेकर घूम रहा पाकिस्तान अब अपने सेना प्रमुख आमिस मुनीर की आलोचना तक नहीं सह पा रहा। तभी तो ब्रिटेन के साथ पर्दे के पीछे से चल रही बातचीत में नापाक पड़ोसी ने एक ऐसी शर्त रखी है, जिसने सभी को हैरान कर दिया है।
हालांकि ये हैरानी इस वजह से नहीं है कि पाकिस्तान ने कुछ शर्त रखी है। ज्यादा हैरानी इस बात को लेकर है कि क्या पाकिस्तान ब्रिटेन के सामने शर्त रखने के हालात में है? खैर, अभी के लिए जरूरी सवाल है कि पाकिस्तान की शर्त क्या है और बातचीत किस विषय पर हो रही है? आइए हम आपको बताते हैं।
ब्रिटेन की चाह और पाकिस्तान की शर्त क्या?
इस पूरे मामले को ऐसे समझिए कि ब्रिटेन पाकिस्तानी मूल के एक बदनाम 'चाइल्ड रेपिस्ट' को वापस इस्लामाबाद डिपोर्ट करना चाहता है। ऐसे में जब पाकिस्तान सरकार के सामने ये शर्त रखी गई। तब पाकिस्तान ने वापस ब्रिटेन के सामने एक विवादास्पद शर्त रख दी।
पाकिस्तान का कहना है कि अगर ब्रिटेन अपने यहां के एक बदनाम बच्चों के साथ दुष्कर्म का आरोपी 'चाइल्ड रेपिस्ट' को वापस पाकिस्तान डिपोर्ट करना चाहता है, तो बदले में उसे ब्रिटेन में रह रहे पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर के विरोधियों और राजनीतिक आलोचकों को पाकिस्तान के हवाले करना होगा। बता दें कि ब्रिटिश अखबार 'द टेलीग्राफ' और मीडिया आउटलेट 'द ड्रॉप साइट' की रिपोर्ट में इस सनसनीखेज सौदेबाजी का खुलासा हुआ है।
जानिए किसे पाकिस्तान भेजना चाहता है ब्रिटेन
बता दें कि यह पूरा विवाद शबीर अहमद नाम के एक शख्स को लेकर है। शबीर अहमद ब्रिटेन के रोशडेल में सक्रिय एक बेहद बदनाम 'ग्रूमिंग गैंग' (लड़कियों को जाल में फंसाने वाला गैंग) का सरगना था। इस गैंग ने 12 साल तक की मासूम बच्चियों को अपना निशाना बनाया था। शबीर अहमद को उसके पीड़ित 'डैडी' कहकर बुलाते थे।
उसे साल 2012 में दुष्कर्म सहित बच्चों के खिलाफ 30 यौन अपराधों के लिए 22 साल की सजा सुनाई गई थी। जेल जाने के बाद उसकी ब्रिटिश नागरिकता छीन ली गई थी, क्योंकि उसके पास ब्रिटेन और पाकिस्तान दोनों की दोहरी नागरिकता थी। हाल ही में अपनी सजा का एक हिस्सा पूरा करने के बाद उसे जेल से रिहा किया गया है, जिसके बाद ब्रिटेन उसे तुरंत पाकिस्तान डिपोर्ट करना चाहता है।
डिपोर्ट करने में कानूनी पेच क्या?
इस बात को ऐसे समझिए कि ब्रिटिश नागरिकता छिनने के बाद भी शबीर अहमद को कानूनी तौर पर पाकिस्तान भेजना मुश्किल हो रहा है। ब्रिटेन के 'इमिग्रेशन एक्ट 1971' के तहत एक नियम है कि कॉमनवेल्थ देशों (जैसे पाकिस्तान) के जो नागरिक 1973 से पहले ब्रिटेन आए थे और कम से कम 5 साल वहां रह चुके हैं, उन्हें डिपोर्ट नहीं किया जा सकता। शबीर अहमद इसी कानून का फायदा उठा रहा है।
पाकिस्तान की 'आउट ऑफ द बॉक्स' शर्त क्या है?
शुरुआत में पाकिस्तान ने शबीर अहमद और उसके गैंग के अन्य सरगनाओं को यह कहकर वापस लेने से इनकार कर दिया था कि वे अब पाकिस्तानी नागरिक नहीं हैं। लेकिन अब पाकिस्तानी अधिकारियों ने कहा है कि वे इस मामले में आउट ऑफ द बॉक्स सोचने को तैयार हैं, बशर्ते ब्रिटेन भी उसकी कुछ मांगें पूरी करे।
अब बात अगर पाकिस्तान के इस मांग की करें तो इस्लामाबाद ने इस डिपोर्टेशन के बदले में ब्रिटेन में शरण लेकर रह रहे अपने देश के कुछ राजनीतिक कार्यकर्ताओं और असंतुष्टों के प्रत्यर्पण की मांग की है। इनमें मुख्य रूप से पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के कैबिनेट मंत्री शहजाद अकबर का नाम शामिल है।
और कौन-कौन लोगों की मांग कर रहा पाकिस्तान?
शहजाद अकबर के अलावा शहबाज सरकार ने पाकिस्तान के पूर्व सैन्य अधिकारी और पत्रकार आदिल राजा और मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट (MQM) के संस्थापक, जो पिछले तीन दशकों से लंदन में रह रहे हैं अल्ताफ हुसैन की मांग की है। पाकिस्तान का आरोप है कि ये लोग ब्रिटिश धरती का इस्तेमाल पाकिस्तान को अस्थिर करने के लिए कर रहे हैं और ब्रिटेन 'फ्री स्पीच' के नाम पर इन्हें संरक्षण दे रहा है।
ब्रिटेन के सामने झुकेपा नापाक पाकिस्तान
ब्रिटेन इस दुष्कर्मी को वापस भेजने के लिए पाकिस्तान पर दबाव बना रहा है। ब्रिटेन ने धमकी दी है कि अगर पाकिस्तान ने शबीर अहमद को स्वीकार नहीं किया, तो वह पाकिस्तानियों के लिए वीजा प्रतिबंध लगा सकता है और पाकिस्तान को मिलने वाली विदेशी मदद में कटौती कर सकता है।
हालांकि ब्रिटेन के इस धमकी को सुनने के बाद पाकिस्तानी अधिकारियों ने भी अपनी गीदड़भभकी दिखाई। पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि यह ब्रिटेन की औपनिवेशिक मानसिकता और अहंकार को दिखाता है। जो व्यक्ति पिछले 60 सालों से ब्रिटेन में रह रहा है, वह अचानक हमारा नागरिक कैसे हो गया?
ब्रिटेन के सामने चुनौती क्या-क्या?
गौरतलब है कि ब्रिटेन के लिए यह मामला गले की हड्डी बन गया है, क्योंकि जनता में इस चाइल्ड रेपिस्ट को लेकर भारी गुस्सा है। अब ब्रिटिश गृह मंत्री शबाना महमूद इस मामले में आपातकालीन कानून लाने पर विचार कर रही हैं, ताकि 1971 के पुराने कानून को बदला जा सके और शबीर अहमद को जबरन डिपोर्ट किया जा सके। इसके अलावा ब्रिटेन वीजा प्रतिबंधों को 'आखरी विकल्प' के रूप में देख रहा है।
