लाहौर, पीटीआइ। पाकिस्तान में हिंदुओं के प्रख्यात कटास राज मंदिर का प्रशासनिक नियंत्रण सरकारी संस्था इवाक्यू ट्रस्ट प्रोपर्टी बोर्ड (ईटीपीबी) के हाथों में चला गया है। यह संस्था देश के सभी अल्पसंख्यक समुदायों के धर्मस्थलों पर प्रशासनिक नियंत्रण के लिए गठित हुई है। भगवान शिव के इस मंदिर में दर्शन के लिए भारत से हर साल जनवरी और नवंबर के महीनों में हिंदुओं के समूह पाकिस्तान जाते हैं।

कटास राज मंदिर पाकिस्तान में बसे हिंदुओं के सबसे प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है। यह मंदिर पंजाब प्रांत में कटास नाम के बड़े तालाब के बीच में बना हुआ है। इस तालाब के पवित्र जल को लेकर भी काफी मान्यताएं हैं। पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कटास राज मंदिर का प्रशासनिक नियंत्रण ईटीपीबी को मिला है। पहले मंदिर का नियंत्रण पंजाब सरकार के पास था।

प्रांतीय सरकार के पास 15 साल तक मंदिर का प्रशासनिक नियंत्रण रहने के बाद शनिवार को हुए समारोह में अधिकारों का हस्तांतरण हुआ। रविवार को यह जानकारी ईटीपीबी के डिप्टी डायरेक्टर फराज अब्बास ने मीडिया को दी। अब्बास मंदिर के प्रशासक बनाए गए हैं। अब्बास ने बताया कि जल्द ही कटास राज मंदिर परिसर में बने सात अन्य छोटे मंदिरों की मरम्मत और उन्हें बेहतर स्वरूप देने के लिए कार्य शुरू किया जाएगा। इसके लिए प्रक्रिया अगले हफ्ते से शुरू हो जाएगी।

मरम्मत और पुनर्निर्माण का कार्य उन मंदिरों के ऐतिहासिक और धार्मिक मूल स्वरूप को बरकरार रखते हुए होगा। अगले हफ्ते से ही मंदिर परिसर की व्यापक सफाई का कार्य शुरू होगा। साथ ही मंदिर की ओर जाने वाली सड़कों पर जानकारियों से संबंधित साइन बोर्ड भी लगने शुरू हो जाएंगे। अब्बास ने बताया कि मंदिर परिसर में कुछ समय पहले टूटे छोटे पुल का निर्माण भी जल्द शुरू होगा।

इससे पहले परवेज मुशर्रफ सरकार ने 2006 में कटास राज मंदिर का प्रशासनिक नियंत्रण ईटीपीबी से लेकर पंजाब सरकार को दे दिया था। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट में गया और फरवरी में कोर्ट ने ईटीपीबी को मंदिर का नियंत्रण देने का आदेश पारित किया।

Indian T20 League

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप

kumbh-mela-2021