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अहमदिया मुसलमानों का बकरीद से पहले कराची में उत्पीड़न, कुर्बानी के जानवरों को जब्त कर रही पाक पुलिस

Published: Wed, 27 May 2026 02:01 AM (GMT+05:30)

इस्लामी देश पाकिस्तान में अल्पसंख्यक अहमदिया मुसलमानों ने आरोप लगाया है कि कराची में पुलिस ईद-उल-अजहा (बकरीद) से पहले उनके ...और पढ़ें

पुलिस गैरकानूनी तरीके से अहमदियों के जानवरों को जब्त कर रही है (फोटो- सोशल मीडिया)

पुलिस गैरकानूनी तरीके से अहमदियों के जानवरों को जब्त कर रही है (फोटो- सोशल मीडिया)

HighLights

  1. पुलिस गैरकानूनी तरीके से अहमदियों के जानवरों को जब्त कर रही है

  2. अहमदियों को कुर्बानी के जानवर खरीदने या रखने में कठिनाई हो रही है

पीटीआई, कराची। इस्लामी देश पाकिस्तान में अल्पसंख्यक अहमदिया मुसलमानों ने आरोप लगाया है कि कराची में पुलिस ईद-उल-अजहा (बकरीद) से पहले उनके कुर्बानी के जानवरों को जब्त कर रही है, यह कहते हुए कि उन्हें उनके विश्वास के कारण निशाना बनाया जा रहा है।

अहमदिया समुदाय के प्रतिनिधि आमिर महमूद ने कहा, "हमें हर बार धार्मिक त्योहार पर उत्पीड़न और भेदभाव का सामना करना पड़ता है।"

आमिर महमूद ने कहा कि कराची में समुदाय के सदस्यों को ईद-उल-अजहा के लिए कुर्बानी के जानवर खरीदने या रखने में कठिनाई हो रही है, क्योंकि पुलिस उन्हें डरा-धमका रही है।

शहर के कई हिस्सों में, पुलिस "गैरकानूनी" तरीके से अहमदियों के जानवरों को जब्त कर रही है, क्योंकि पाकिस्तान उन्हें मुसलमान के रूप में मान्यता नहीं देता और इसलिए वे बकरीद के दौरान जानवरों की कुर्बानी नहीं कर सकते।

महमूद ने कहा कि राज्य द्वारा स्वीकृत प्रतिबंधों और कट्टरपंथी इस्लामी समूहों से मिली धमकियों ने अहमदियों के लिए सार्वजनिक समारोह आयोजित करना, सामूहिक प्रार्थनाएं करना या बकरीद पर जानवरों की कुर्बानी करना असंभव बना दिया है।

ध्यान रहे कि पाकिस्तान की संसद ने 1974 में एक संवैधानिक संशोधन के माध्यम से अहमदियों को गैर-मुस्लिम घोषित किया है।