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इस्लामाबाद/श्रीनगर, एएनआइ। भारत की कड़ी चेतावनी के बावजूद पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर में दखलअंदाजी करने से बाज नहीं आ रहा है। एक बार फिर पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने अलगाववादी नेता से फोन पर बात की है। हाल ही में विदेश मंत्रालय ने अलगाववादी नेता मीरवाइज उमर फारूक से फोन पर बात करने के मामले में पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी दी थी, इसके बावजूद पड़ोसी मुल्क अपनी हरकतों पर लगाम नहीं लगा रहा है। इस बार कुरैशी ने हुर्रियत नेता सैयद अली शाह गिलानी से फोन पर बात की है।

मीरवाइज के बाद गिलानी से की फोन पर बात

कहा जा रहा है कि पीएम मोदी के जम्मू दौरे से पहले कुरैशी ने गिलानी से शनिवार को बात की और उनके बीच कश्मीर मुद्दे पर बातचीत हुई। फिलहाल भारत की ओर से अभी तक कुरैशी की इस हरकत पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, इससे पहले कुरैशी के मीरवाइज को फोन करने पर भारत ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई थी। इसको लेकर विदेश सचिव विजय गोखले ने पाकिस्तान के उच्चायुक्त सोहेल महमूद को भी तलब किया था।

मीरवाइज से बात करने पर दी थी कड़ी चेतावनी

पाकिस्तान को चेतावनी जारी करते हुए विदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया था कि पाकिस्तानी विदेश मंत्री का यह कदम भारत की एकता को नुकसान पहुंचाने वाला है और यह भारत की संप्रभुता एवं क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन करने का शर्मनाक प्रयास है। इसके साथ ही भारत ने ऐसा करने के परिणाम भुगनते की भी चेतावनी दी थी।

कश्मीर भारत का अभिन्न अंग था, है और रहेगा...

कुरैशी के मीरवाइज को फोन करने पर विदेश सचिव ने यह भी कहा था कि पड़ोसी मुल्क ने भारत के आंतरिक मामले में हस्तक्षेप किया है। भारत सरकार को उम्मीद है कि भविष्य में पाकिस्तान इस तरह की कार्रवाई से दूर रहेगा। इसके साथ ही उन्होंने दोहराया कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग था, है और हमेशा रहेगा। भारत ने स्पष्ट रूप से कहा कि जम्मू-कश्मीर से संबंधित किसी भी मामले में पाकिस्तान को दखल देने का अधिकार नहीं है।

 

Posted By: Nancy Bajpai

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