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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 12, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सिडनी के स्वामीनारायण मंदिर में तैयार हुआ विश्व का सबसे बड़ा केक, दिलचस्प है केक की डिजाइन

By AgencyEdited By: Abhi Malviya
Published: Sat, 12 Nov 2022 03:28 PM (IST)

आस्ट्रेलेयाई बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड में सिडनी के स्वामीनारायण मंदिर द्वारा नया रिकार्ड दर्ज किया गया है। बीएपीएस स्वामीनारायण मंदिर ...और पढ़ें

स्वामीनारायण मंदिर में बना सबसे बड़ा केक। फोटो एएनआइ।
स्वामीनारायण मंदिर में बना सबसे बड़ा केक। फोटो एएनआइ।

सिडनी, एएनआइ। आस्ट्रेलिया बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड में सिडनी के स्वामीनारायण मंदिर द्वारा नया रिकार्ड दर्ज किया गया है। बीएपीएस स्वामीनारायण मंदिर ने विश्व का सबसे बड़ा केक (Cake) बनाकर इतिहास दर्ज कराया है। भारत में आस्ट्रेलिया के उच्च आयुक्त बैरी ओ फैरेल (Barry O’Farrell) ने ट्वीट कर बधाई देते हुए कहा कि 60 से अधिक स्वयंसेवकों द्वारा तैयार किया गया यह केक 2.4 मीटर ऊंचा और 3 मीटर चौड़ा है।

बता दें कि केक को पारंपरिक हिंदू मंदिर के आकार में डिजाइन किया गया था। इसका वजन 1023.44 किलोग्राम था और इस केक को 4300 घंटों में 60 लोगों ने मिलकर तैयार किया था। दरअसल, हिंदू नववर्ष के पहले दिन लोग अन्नकूट भगवान को विभिन्न प्रकार के व्यंजन चढ़ाए जाते है हैं, इसी दौरान बीएपीएस (Bochasanwasi Shri Akshar Purushottam Swaminarayan Sanstha) स्वामीनारायण मंदिर द्वारा यह Eggless केक चढ़ाया गया। आस्ट्रेलियन बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड की आधिकारिक वेबसाइट में बताया गया है कि इस केक को स्वामी महाराज की 100वीं जयंती के उपलक्ष्य में बनाया गया था।

केर्न्स शहर में भी हुई मंदिर की स्थापना

आस्ट्रेलिया के केर्न्स शहर में हाल ही में नए BAPS स्वामीनारायण मंदिर की भी स्थापना की गई थी । इस समारोह में आस्ट्रेलिया के हिंदू समाज के लोगों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लेकर भजन-कीर्तन का आयोजन भी किया। जानकारी के मुताबिक समारोह में 300 से अधिक लोग मौजूद थे।

प्रधानमंत्री मोदी ने की थी संस्था की सराहना

बता दें कि स्वामीनारायण संस्था पूरे विश्व में समाज सेवा के लिए भी जाना जाता है। हाल ही में मोरबी में हुए हादसे में संस्था के स्वयंसेवकों ने हादसे के बचाव कार्य में बढ़ चढ़कर हिस्‍सा लिया। मोरबी हादसे के दौरान इस संस्‍था ने बचाव कार्य में लगी एजेंसियों के भोजन की व्यवस्था की थी। संस्था द्वारा बचाव कार्य में हिस्सा लेने की सराहना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी की थी। इसके अलावा अन्य प्राकृतिक हादसों में भी यह संस्था सबसे पहले मदद के लिए तैयार होती है।

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