काबुल, एजेंसी। अफगानिस्‍तान में तालिबान के सरकार गठन के पूर्व तालिबानी प्रवक्ता सुहैल शाहीन ने अपनी सभ्‍यता और संस्कृति को लेकर अमेरिका को चेतावनी दी है। उन्‍होंने महिलाओं के हिजाब पहनने को लेकर पश्चिम के नजरिए पर कड़ा विरोध जताया है। तालिबान प्रवक्ता ने कहा कि हमारी संस्कृति में अमेरिका और पश्चिमी देश दखल नहीं दे। तालिबान के इस बयान के बाद अफगानिस्तान में महिलाओं के अधिकारों को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंताएं बढ़ गई हैं। तालिबान प्रवक्‍ता ने सफाई देते हुए कहा कि महिलाओं के अधिकारों एवं उनकी सुरक्षा को लेकर दुनिया की चिंता इसलिए है, क्‍योंकि पूर्व के शासन की यादें लोगों की जेहन में शेष है।

किसी दूसरे देश को हमारी संस्‍कृति बदलने का हक नहीं

तालिबान प्रवक्ता ने कहा कि महिलाओं के हक को लेकर कोई दिक्‍कत नहीं होगी। अफगानिस्‍तान में महिलाओं की शिक्षा या उनके काम को लेकर किसी तरह की दिक्‍कत नहीं होगी। उन्‍होंने कहा किसी भी देश को एक दूसरे की संस्‍कृति का सम्‍मान करना चाहिए। प्रवक्‍ता ने कहा कि हमें एक-दूसरे की संस्कृति में दखल देने या बदलने का प्रयास नहीं करना चाहिए। शाहीन ने कहा कि हम अपनी संस्कृति को बदलने का कोई इरादा नहीं रखते हैं। अमेरिका और अन्‍य देशों को हमारी संस्कृति नहीं बदलनी चाहिए। प्रवक्‍ता ने अमेरिकी सैनिकों की वापसी को देश के इतिहास में एक अध्याय का अंत बताया।

शिक्षा ग्रहण करने के लिए हिजाब होगा अनिवार्य

शाहीन ने पश्चिमी देशों के उस नजरिए का कड़ा विरोध किया जिसमें कहा गया था कि महिलाओं को हिजाब के बिना शिक्षा हासिल करनी चाहिए। फाक्स न्यूज से बात करते हुए उन्‍होंने कहा कि यह संस्कृति का बदलाव है। उन्‍होंने कहा कि यह हमारी संस्कृति है कि वह हिजाब पहनकर शिक्षा ग्रहण करें। उन्‍होंने कहा कि महिलाएं हिजाब पहनकर काम कर सकती हैं। अमेरिका के साथ रिश्तों को लेकर सुहैल ने कहा कि हमें इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि हम सकारात्मक और रचनात्मक तरीके से एक साथ कैसे काम कर सकते हैं जो दोनों पक्षों के हितों में हो।

आखिरी चरण में सरकार गठन की प्रक्रिया

उधर, तालिबान सरकार बनाने के अपने अंतिम चरण में है। मीडिया रिपोर्ट्स का दावा है कि तालिबान का  फाउंडर मुल्ला अब्दुल गनी बरादर नई अफगान सरकार का नेतृत्व कर सकता है। तालिबान के प्रवक्ता ने शुक्रवार को घोषणा की थी कि अब समूह शनिवार को सरकार का गठन करेगा। सरकार गठन के बाद तालिबान के आगे पंजशीर जैसी कई बड़ी चुनौतियां आने वाली हैं।

 

Edited By: Ramesh Mishra