कोपनहेगेन, एएफपी। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) के यूरोपीय कार्यालय ने इटली से कोरोना से संक्रमित होने वालों की दर में कमी आने की रिपोर्ट को एक 'अच्छा संकेत' बताया है। हालांकि उसने यह भी कहा कि यह कहना अभी जल्दबाजी होगा कि सबसे बुरा दौर गुजर गया है कि नहीं।

हालांकि यूरोप में स्थिति अभी भी बहुत गंभीर

यहां एक प्रेस कांफ्रेंस में यूरोप के क्षेत्रीय निदेशक हांस क्लूग ने कहा कि यद्यपि स्थिति अभी भी बहुत गंभीर है लेकिन जो संकेत मिलने शुरू हुए हैं वे उत्साहजनक हैं। इटली, जहां कि इस वायरस का सबसे ज्यादा प्रकोप है वहां नये मामले आने की दर में गिरावट दर्ज की गई है।

कई देशों ने अपनी सीमाएं सीलकर लाकडाउन किया

डब्लूएचओ यूरोप के अनुसार पूरे महाद्वीप में 2,20,000 मामले दर्ज किये गये। जिसमें अब तक 11,987 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि दुनिया भर में चार लाख से अधिक लोग इससे संक्रमित हुए हैं। इन आंकड़ों के मुताबिक संक्रमण के हर दस मामलों में छह मामले और मौतों के दस में से सात मामले यूरोप के हैं। यूरोप में लगातार फैल रहे इस वायरस के प्रकोप को देखते हुए कई देशों ने अपनी सीमाएं सीलकर लाकडाउन कर दिया है।

महामारी का असर लंबे समय तक रहेगा

क्लूग ने कहा कि हम जल्द ही इस बात का पता लगा लेंगे कि विभिन्न देशों द्वारा उठाये गये कदमों से इस वायरस को थामने में कितनी सफलता मिली। उन्होंने सरकारों ओर नागरिकों को आगाह किया कि वे इस सच्चाई से वाकिफ रहें कि इस महामारी का असर लंब समय तक रहेगा। यह कम समय में पूरी होने वाली फर्राटा दौड़ नहीं, मैराथन है। इसमें वक्त लगेगा। इटली में अब तक 7,503 लोगों की मौत हो चुकी है और इस समय 74,386 लोग संक्रमित हैं, जोकि पूरे विश्‍व में सबसे ज्‍यादा है। इसके बाद स्‍पेन का नंबर है, जहां बीते 24 घंटों में 655 और पीड़ितों ने दम तोड़ दिया। इससे मरने वालों का आंकड़ा चार हजार के पार पहुंच गया है।

 

 

Posted By: Arun Kumar Singh

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