दुबई, रायटर/एएफपी। ईरान ने शुक्रवार को कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) की सुरक्षा का जिम्मा हमारा है। होर्मुज के पास गुरुवार को ओमान की खाड़ी में दो तेल टैंकरों पर हुए हमले में हमारा कोई हाथ नहीं था। अमेरिका ने इसके लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया है। तेल टैंकरों पर हमले ऐसे समय पर हुए हैं जब अमेरिका और ईरान में तनाव चरम पर है। इसी के मद्देनजर अमेरिका ने किसी खतरे से निपटने के लिए पश्चिमी एशिया में विमानवाहक युद्धपोत और बमवर्षक विमान तक तैनात कर रखे हैं।

ईरान के सरकारी रेडियो ने विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अब्बास मौसवी के हवाले से कहा, 'जलडमरूमध्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है। हमने बहुत थोड़े समय में उन तेल टैंकरों के चालक दल को बचाया, जिन पर हमले हुए थे। जाहिर तौर पर इस तरह की संदिग्ध और दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं के लिए ईरान पर आरोप लगाना अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोंपियो के लिए सबसे आसान और सुविधाजनक तरीका है। इस तरह के आरोप खतरे का संकेत हैं।'

जिन तेल टैंकरों पर हमले हुए थे उनमें से एक नार्वे और दूसरा जापान का था। इसी क्षेत्र में गत 12 मई को भी चार तेल टैंकरों को निशाना बनाया गया था। इनमें से दो सऊदी अरब, एक नार्वे और एक संयुक्त अरब अमीरात का टैंकर था। तब सऊदी अरब ने हमले में ईरान का हाथ बताया था।

पोंपियो ने दी चेतावनी

अमेरिका ने तेल टैंकरों पर हुए हमले के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया है। अमेरिकी विदेश माइक पोंपियो ने कहा कि इसके ठोस साक्ष्य हैं। उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि उनका देश क्षेत्र में तैनात अपने सुरक्षा बलों और सहयोगी देशों की सुरक्षा करेगा। अमेरिका संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में इस घटना को उठाएगा।

जरीफ ने दिया यह जवाब

पोंपियो के इस बयान के जवाब में ईरान के विदेश मंत्री मुहम्मद जवाद जरीफ ने कहा, 'अमेरिकी प्रशासन बगैर सच जाने या परिस्थितिजन्य साक्ष्य के ही ईरान के खिलाफ आरोप लगाने में कूद पड़ा।'

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Edited By: Nitin Arora