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बेनतीजा रही दोहा में चल रही वार्ता, स्वदेश लौटा ईरानी दल बोला- गेंद अब अमेरिका के पाले में

Published: Mon, 02 Nov 2026 11:09 PM (IST)

दोहा में अमेरिका और ईरान के बीच संभावित हमले की आशंकाओं के बीच चल रही बातचीत बेनतीजा समाप्त हो गई। ...और पढ़ें

दोहा में अमेरिका-ईरान बातचीत विफल।

दोहा में अमेरिका-ईरान बातचीत विफल।

HighLights

  1. दोहा में अमेरिका-ईरान वार्ता बिना किसी नतीजे के खत्म।

  2. ईरान ने प्रस्ताव घटाए, पर समाधान नहीं निकला।

  3. रूस और चीन ने ईरान की संप्रभुता का समर्थन किया।

जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। ईरान पर अमेरिका के संभावित नए हमले की आशंकाओं के बीच दोनों पक्षों के बीच सामंजस्य बनाने के लिए दोहा में चल रही बातचीत बेनतीजा खत्म हो गई। रॉयटर्स के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि कतर के मध्यस्थों से बातचीत के बाद ईरान के प्रस्तावों को छोटा किया गया, लेकिन तब भी कोई समाधान नहीं निकल सका।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि बातचीत जारी है। मामला बेहद पेचीदा है। अब फैसला अमेरिका को करना है। उन्होंने कहा कि ईरान बातचीत और सैन्य टकराव, दोनों के लिए तैयार है।

होर्मुज से अमेरिकी नाकाबांदी हटाना जरूरी- ईरान

ईरान कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने और सुरक्षित बनाए रखने के लिए अमेरिकी नाकाबंदी हटाना जरूरी है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ बातचीत को अच्छा बताते हुए फिलहाल जल्दबाजी से इन्कार किया है।

युद्ध की आशंकाएं कम होने के संकेतों के बीच कच्चे तेल की कीमतों में भी चार प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड 106.54 डालर और अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 97.56 डालर प्रति बैरल नीचे आ गए।

ईरान के प्रस्ताव में कोई बदलाव नहीं

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने सोमवार को साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि संयुक्त राष्ट्र में रखे गए ईरान के प्रस्ताव में कोई बदलाव नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि ईरान की मांगें जायज हैं और अब अमेरिका को तय करना है कि वह अपनी जिम्मेदारियां कब पूरी करेगा।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने तुर्कमेनिस्तान की राजधानी अशगाबात में कहा कि कतर और पाकिस्तान के मध्यस्थों के जरिये बातचीत तेज करने की कोशिश हो रही है। बघाई के मुताबिक, कतर दोनों देशों के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत की तैयारी कर रहा है, जिसमें ईरान की सात सूत्रीय शांति योजना पर चर्चा हो सकती है।

रूस और चीन ने किया ईरान का समर्थन

अल जजीरा के अनुसार, रूस और चीन ने भी संभावित सैन्य कार्रवाई पर चिंता जताई है। रूसी विदेश मंत्रालय ने ईरान पर दोबारा अमेरिकी हमले की खबरों को चिंताजनक बताया। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने ईरान की संप्रभुता और सुरक्षा का समर्थन करते हुए सभी पक्षों से राजनीतिक समाधान तलाशने की अपील की। चीन ने ईरान, सऊदी अरब और ओमान में अपने विशेष दूत को भेजने की भी घोषणा की है।

रॉयटर्स के अनुसार, बहरीन में मनामा डायलाग सम्मेलन के दौरान खाड़ी देशों के अधिकारियों ने भी संभावित हमले और उसके क्षेत्रीय परिणामों पर चर्चा की। कतर और मिस्र ने तनाव घटाने के विकल्पों पर विचार किया है।

होर्मुज में दो तेल टैंकरों को नुकसान

ईरानी नौसेना के मुताबिक, प्रतिबंधित क्षेत्र में मौजूद दो तेल टैंकर समुद्री बारूदी सुरंगों की चपेट में आ गए। विस्फोट के बाद एक टैंकर में आग लग गई। ईरान ने दावा किया कि दोनों जहाजों ने अपने नौवहन तंत्र बंद कर जलडमरूमध्य से निकलने की कोशिश की थी। रिवोल्यूशनरी गार्ड ने यह भी दावा किया कि अमेरिकी सेंटकॉम प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर के पश्चिम एशिया दौरे के बाद से 11 व्यापारिक जहाजों को नुकसान पहुंचा है।

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