'मंजिल अभी अभी दूर है...', ईरान के साथ बातचीत पर बोले US विदेश मंत्री; तेहरान भेजी वार्ता टीम
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने ईरान के साथ युद्ध समाप्त करने के राजनयिक प्रयासों में कुछ प्रगति की बात ...और पढ़ें

ईरान युद्ध समाप्त करने के राजनयिक प्रयास तेज (फोटो- रॉयटर्स)
HighLights
अमेरिकी विदेश मंत्री ने ईरान वार्ता में प्रगति की पुष्टि की
होर्मुज स्ट्रेट और यूरेनियम संवर्धन पर मतभेद बरकरार
कतर और पाकिस्तान मध्यस्थता प्रयासों में सक्रिय भूमिका निभा रहे
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। वैश्विक अर्थव्यवस्था को हिलाकर रख देने वाले ईरान युद्ध को समाप्त करने के लिए राजनयिक प्रयास तेज हो गए हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने शुक्रवार को कहा कि ईरान के साथ समझौते की दिशा में कुछ प्रगति हुई है, लेकिन अभी मंजिल बहुत दूर है और काफी काम किया जाना बाकी है।
ईरानी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्री ने शुक्रवार को अपने पाकिस्तानी समकक्ष से मुलाकात कर युद्ध खत्म करने के प्रस्तावों पर चर्चा की, जबकि कतर ने अहम मतभेदों को सुलझाने की कोशिश के लिए तेहरान में एक बातचीत करने वाली टीम भेजी।
हालांकि, दोनों पक्षों के बीच दूरियां कम हुई हैं, फिर भी ईरान के संवर्धित यूरेनियम और होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण को लेकर कुछ ऐसे मुद्दे हैं, जिन पर अभी भी सहमति नहीं बन पाई है। युद्ध की शुरुआत के बाद से इस जलडमरूमध्य के बंद होने के कारण वैश्विक ऊर्जा संकट पैदा हो गया है।
स्वीडन में नाटो मंत्रियों की बैठक के बाद रूबियो ने पत्रकारों से कहा, "कुछ प्रगति हुई है। मैं इसे बढ़ा-चढ़ाकर नहीं बताऊंगा। न ही इसे कम करके आंकूंगा। अभी और काम किया जाना बाकी है। हम अभी मंजिल तक नहीं पहुंचे हैं। मुझे उम्मीद है कि हम वहां तक पहुंच जाएंगे।"
होर्मुज पर टोल लगाना अस्वीकार्य
रूबियो ने गुरुवार को दिए अपने बयान को दोहराते हुए कहा कि होर्मुज स्ट्रेट के लिए टोल सिस्टम (शुल्क प्रणाली) बनाने की ईरान की योजना अस्वीकार्य है। इसी जलमार्ग से दुनिया का पांचवां हिस्सा तेल और द्रवीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) का प्रवाह होता है। रूबियो ने कहा, "हम लोगों के एक बहुत ही मुश्किल समूह से निपट रहे हैं, और अगर स्थिति नहीं बदलती है, तो राष्ट्रपति ने साफ कर दिया है कि उनके पास अन्य विकल्प भी मौजूद हैं।"
उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट के मामले में नाटो सैन्य गठबंधन से मदद नहीं मांगी है, लेकिन अगर ईरान इस जलमार्ग को फिर से खोलने से इनकार करता है, तो एक 'प्लान बी' (वैकल्पिक योजना) का होना जरूरी है।
तेहरान पहुंची कतर की टीम
अमेरिका और ईरान के बीच जारी गतिरोध और अहम मतभेदों को सुलझाने के लिए कतर ने अपनी एक खास बातचीत करने वाली टीम शुक्रवार को (Negotiating Team) तेहरान भेजी है। इस मामले की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने समाचार एजेंसी 'रॉयटर्स' को बताया कि कतर की यह टीम, जो सीधे तौर पर अमेरिका के साथ तालमेल (समन्वय) बनाकर काम कर रही है।
पाकिस्तान के गृह मंत्री ने की ईरान से बातचीत
अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम की रिपोर्ट के अनुसार, बातचीत के दौरान ईरानियों को अमेरिका का नवीनतम संदेश सौंपने के दो दिन बाद, पाकिस्तान के गृह मंत्री सैयद मोहसिन नकवी ने तेहरान में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ बातचीत का एक और दौर आयोजित किया।
गाजा में चल रहे युद्ध और अंतरराष्ट्रीय तनाव के अन्य क्षेत्रों में इजरायल और हमास के बीच मध्यस्थता करने में कतर ने एक अहम भूमिका निभाई है। हालांकि, ईरानी मिसाइलों और ड्रोन हमलों की चपेट में आने के बाद, कतर ने अब तक मौजूदा संघर्ष से खुद को दूर ही रखा था।
मुनीर तेहरान पहुंचे
पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर शुक्रवार को तेहरान पहुंचे। उनकी यह यात्रा काफी अहम है, जिसका मकसद इस क्षेत्र में युद्ध खत्म करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच किसी समझौते की कोशिशों को तेज करना है।
पाकिस्तानी सेना की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक, मुनीर की यह यात्रा लगातार चल रही मध्यस्थता की कोशिशों का ही एक हिस्सा है। हवाई अड्डे पर पहुंचने पर, ईरान के गृह मंत्री एस्कंदर मोमेनी ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। सेना के अनुसार, पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी भी हवाई अड्डे पर मौजूद थे।
