सियोल, रायटर। परमाणु समझौते से ट्रंप प्रशासन के हटने से नाराज ईरान ने उत्तर कोरिया से कहा है कि अमेरिका पर भरोसा नहीं किया जा सकता। ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने तेहरान गए उत्तर कोरिया के वरिष्ठ राजनयिक री योंग हो से यह बात कही।

रूहानी ने कहा कि हाल के वर्षो में देखा जा रहा है कि जो देश अमेरिका की बात नहीं मानते हैं, उन्हें वह संदिग्ध मानने लगता है। इसे देखते हुए मित्र राष्ट्रों को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सहयोग बढ़ाना होगा। उन्होंने कहा कि ईरान और उत्तर कोरिया का कई मुद्दों पर हमेशा समान नजरिया रहा है।

री योंग हो सिंगापुर में एक सुरक्षा सम्मेलन में भाग लेने के बाद तेहरान गए हुए हैं। इस बीच, ईरान ने आखिरी क्षणों में अमेरिका की ओर से बातचीत का प्रस्ताव ठुकरा दिया है। उन्होंने कहा कि ट्रंप प्रशासन द्वारा प्रतिबंध हटाने से मुकरने के बाद अब कोई बातचीत नहीं हो सकती है।

 हालांकि इस समझौते और संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों के बावजूद उत्तर कोरिया ने अपना हथियार कार्यक्रम जारी रखा। री ने रूहानी से कहा कि वाशिंगटन ने 2015 में किए गए ईरान परमाणु समझौते से खुद को अलग कर लिया और नए प्रतिबंध लगा दिए जो अंतरराष्ट्रीय नियम और कानून के खिलाफ की कार्रवाई है। री ने कहा कि, उत्तर कोरिया की रणनीतिक नीति के तहत ईरान के साथ अपने रिश्ते मजबूत करना है।

Posted By: Srishti Verma

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