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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 26, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'PoJK से अपनी सेना हटाए पाकिस्तान, नहीं तो बढ़ेगा तनाव', UKPNP के नेता ने ऐसा क्यों कहा?

By Agency Edited By: Nidhi Avinash
Published: Wed, 26 Jun 2024 07:34 PM (IST)Updated: Wed, 26 Jun 2024 07:36 PM (IST)

यूनाइटेड कश्मीर पीपुल्स नेशनल पार्टी (Deployed Pakistani Forces From PoJK) के अध्यक्ष सरदार शौकत अली कश्मीरी ने एक वीडियो संदेश ...और पढ़ें

UKPNP के नेता सरदार शौकत अली कश्मीरी ने उठाई ये मांग (Image: ANI)
UKPNP के नेता सरदार शौकत अली कश्मीरी ने उठाई ये मांग (Image: ANI)

HighLights

  1. PoK के नेता ने संयुक्त राष्ट्र में बड़ी मांग की है
  2. पाकिस्तान को अपनी सेना हटाने का किया आग्रह
  3. पीओजेके को बताया विवादित क्षेत्र

एएनआई, जिनेवा। जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद का 56वां सत्र चल रहा है। इस दौरान यूनाइटेड कश्मीर पीपुल्स नेशनल पार्टी (यूकेपीएनपी) के अध्यक्ष सरदार शौकत अली कश्मीरी ने मंगलवार को पाकिस्तान से एक विशेष आग्रह किया है। उन्होंने पाक अधिकृत जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) में पाक सैनिकों की तैनाती न करने की अपील की है। 

वीडियो संदेश किया जारी

कश्मीरी ने एक वीडियो संदेश में कहा, 'हमें पीओजेके से रिपोर्ट मिली हैं, जिनसे पता चलता है कि पाकिस्तानी प्रशासन वहां फ्रंटियर कोर (एफसी) यूनिट को फिर से तैनात कर रहा है। यह पहचानना महत्वपूर्ण है कि पीओजेके एक विवादित क्षेत्र है और इसलिए, पाकिस्तान को वहां अपनी सेना तैनात नहीं करनी चाहिए।'

स्थानीय लोगों में पैदा होगा तनाव

कश्मीरी ने आगे कहा कि 'ऐसी कार्रवाइयों से स्थानीय लोगों में तनाव पैदा होता है। पाकिस्तान को लोगों और प्रशासन के बीच और अशांति को रोकने के लिए पीओजेके से अपने सैनिकों को वापस बुलाना चाहिए। कश्मीरी ने विरोधाभासी नीतियों के लिए पाकिस्तान की आलोचना की और पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित बाल्टिस्तान और पीओजेके से सभी बंदियों की रिहाई की मांग की।

सभी बंदियों की तत्काल रिहाई की मांग

अध्यक्ष ने कहा कि जबकि पाकिस्तान ने पीओजेके में हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं को रिहा कर दिया है, उसने पीओजेके और पाकिस्तान अधिकृत गिलगित बाल्टिस्तान (पीओजीबी) में अवामी एक्शन कमेटी (एएसी) के सदस्यों के खिलाफ कई मामले भी दर्ज किए हैं। हम पीओजीबी और पीओजेके से सभी बंदियों की तत्काल रिहाई की मांग करते हैं और पाकिस्तान से जनता की शिकायतों को दूर करने का आग्रह करते हैं।'

एएसी की मांगों को पूरा किया जाना चाहिए

यूकेपीएनपी के पूर्व केंद्रीय विदेश सचिव जमील मकसूद ने एएसी सदस्यों के साथ एकजुटता व्यक्त की और पीओजेके और पीओजीबी के कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज एफआईआर के बारे में चिंता जताई। उन्होंने पाकिस्तान से संयुक्त आवामी एक्शन कमेटी द्वारा बताई गई मांगों का सम्मान करने का आह्वान किया। मकसूद ने अपने वीडियो बयान में जोर देकर कहा, 'एएसी की मांगों को पूरा किया जाना चाहिए और पाकिस्तानी प्रशासन द्वारा एफसी या पंजाब कांस्टेबुलरी की कोई भी तैनाती क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के बजाय तनाव को बढ़ा सकती है।'

पीओजेके में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन

हाल ही में, पीओजेके में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए हैं, जो मुख्य रूप से उच्च बिजली बिलों और मुद्रास्फीति से असंतोष के कारण हुए हैं। कई शहरों और कस्बों में निवासियों ने जीवन की बढ़ती लागत और आर्थिक कठिनाइयों के लिए अपर्याप्त सरकारी प्रतिक्रिया के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। विरोध प्रदर्शनों के जवाब में, पाकिस्तान ने पाकिस्तानी रेंजर्स सहित सुरक्षा बलों को तैनात किया और कई प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की।

सप्ताह भर चले आंदोलन के दौरान पुलिस के साथ झड़पों में कई स्थानीय लोगों की कथित तौर पर मौत हो गई। यूकेपीएनपी सहित पीओजेके के राजनीतिक दल न्याय की मांग कर रहे हैं और विरोध प्रदर्शन में शामिल निवासियों के खिलाफ झूठे मामलों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं।

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