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यूक्रेन का इमरजेंसी अलर्ट एप हैक, परमाणु हमले के फर्जी संदेशों से मची अफरातफरी

Published: Mon, 02 Nov 2026 08:14 PM (IST)

यूक्रेन ने रूस पर अपने आपातकालीन अलर्ट ऐप को हैक करने का आरोप लगाया है, जिससे परमाणु और रासायनिक हमलों के फर्जी संदेश प्रसारित हुए।

(AI से बनाई गई सांकेतिक तस्वीर)

(AI से बनाई गई सांकेतिक तस्वीर)

HighLights

  1. यूक्रेन का आपातकालीन अलर्ट ऐप हैक होने का आरोप।

  2. परमाणु और रासायनिक हमलों के फर्जी संदेश प्रसारित हुए।

  3. यूक्रेन समर्थक आतेश ने साइबर हमले की जिम्मेदारी ली।

डिजिटल डेस्क, कीव। यूक्रेन ने रूस पर उसके इमर्जेंसी अलर्ट एप को हैक करने का आरोप लगाया है। जारी बयान के अनुसार इस हैकिंग के चलते यूक्रेनी लोगों के मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट पर परमाणु हमले और रासायनिक हमलों के अलर्ट आ रहे हैं। इससे लोग भयभीत हैं और उन हमलों से बचने के लिए घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं।

इस बीच रूस ने कहा है कि उनके देश में भी मोबाइल एप साइबर अटैक के शिकार हुए हैं। यूक्रेन में ये अलर्ट ओलेस्की और नजदीकी इलाकों में छह दिनों का युद्धविराम खत्म होने के बाद आ रहे हैं।

यूक्रेन के लोगों को क्या अलर्ट मिला?

यूक्रेन के लोगों को मिला एक अलर्ट यह था कि रूस ने हाइपरसोनिक मिसाइल ओेरेश्निक में परमाणु बम फिट करके उसे दाग दिया है। इससे पूरे यूक्रेन में अफरातफरी का माहौल बन गया और जो जहां था वहीं वह सुरक्षित स्थान ढूंढ़ने लगा। लेकिन कुछ ही देर बाद यूक्रेन की वायुसेना को पता चला कि देश का अलर्ट सिस्टम हैक हो गया है, इसलिए उससे जुड़ा टेलीग्राम मैसेजिंग चैट फर्जी अलर्ट भेज रहा है।

वायुसेना को सिस्टम हैक होने का पता तब चला जब उसने देखा कि अलर्ट करने वाले मैसेज रूसी भाषा में प्रसारित हो रहे हैं। कुछ घंटे बाद रूस की सरकारी समाचार एजेंसी तास ने रूस के आपात मामलों के मंत्रालय के हवाले से बताया कि रूसी मोबाइल एप पर साइबर अटैक हुआ है।

इसके कारण लोगों तक गलत सूचनाएं पहुंच रही हैं। इस साइबर अटैक की जिम्मेदारी यूक्रेन समर्थक हैकिंग ग्रुप आतेश ने ली है। रूसी सरकार ने लोगों को शांत रहने और अपना कामकाज करते रहने की सलाह दी है।

ओलेस्की में युद्धविराम खत्म, 800 लोगों ने शहर छोड़ा

ओलेस्की में अस्थायी युद्धविराम 27 अक्टूबर को लागू हुआ था और एक नवंबर की रात खत्म हो गया। यह युद्धविराम अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप के प्रयास के चलते हुआ था। इस दौरान 2022 से ही युद्ध क्षेत्र बने ओलेस्की शहर में राहत सामग्री की आपूर्ति हुई और वहां बचे दो हजार लोगों में से आठ सौ को उनकी इच्छा से निकालकर यूक्रेन भेजा गया।

ओलेस्की पहले यूक्रेन में था लेकिन युद्ध शुरू होने के कुछ दिन बाद ही वह रूस के कब्जे में चला गया था। इस बीच रूस और यूक्रेन की सेनाओं ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए हैं कि उन्होंने युद्धविराम की अवधि का उपयोग लड़ाई के लिए फिर तैयार होने के लिए किया।

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